कसमार फार्मटांड़ का डीसी – डीडीसी ने किया निरीक्षण, जेएसएलपीएस दीदीओं को सक्रिय करने का दिया निर्देश
बोकारो: उपायुक्त अजय नाथ झा और उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने कसमार प्रखंड स्थित फार्मटांड़ का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान अपर समाहर्ता (एसी) मो. मुमताज अंसारी, बीडीओ नम्रता जोशी, सीओ नरेंद्र कुमार सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
जेएसएलपीएस गतिविधियों की समीक्षा
निरीक्षण में डीसी–डीडीसी ने जेएसएलपीएस स्वयं सहायता समूहों (SHG) की गतिविधियों का जायजा लिया और समूहों को और अधिक सक्रिय व पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया। फिलहाल 10 एसएचजी जुड़े हैं, जिसकी संख्या बढ़ाने को कहा गया। साथ ही, मासिक गतिविधियों का कैलेंडर तैयार कर नियमित समीक्षा का निर्देश दिया गया।
खामियां उजागर, समन्वयक से स्पष्टीकरण
निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं, खासकर समूह समन्वय की कार्यप्रणाली में। डीसी–डीडीसी ने इस पर एसएचजी समन्वयक से लिखित स्पष्टीकरण मांगा और चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
प्रखंड कार्यालय में गड़बड़ी, दो अधिकारियों पर कार्रवाई
डीसी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का भी निरीक्षण किया। पाया गया कि आगत–निर्गत रजिस्टर, सीएल पंजी और कैश बुक का अद्यतन कार्य लंबित है। इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए डीसी ने नाजीर और प्रधान सहायक का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया और एक सप्ताह के भीतर सभी अभिलेख अद्यतन करने का निर्देश दिया।
आदि कर्मयोगी प्रशिक्षण का शुभारंभ
प्रखंड सभागार में आदि कर्मयोगी योजना अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डीसी–डीडीसी ने किया। उन्होंने कहा कि यह पहल सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और परिणामकारी बनाएगी।
महिलाओं से संवाद
निरीक्षण के दौरान डीसी ने महिलाओं से संवाद किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित अन्य समस्याएं रखीं। डीसी ने तत्काल समाधान का भरोसा दिया और सभी आवेदनों की सूची बनाकर जिला प्रशासन को भेजने का निर्देश दिया।
सीएचसी का निरीक्षण और एक्सपायरी दवा मिलने पर नाराजगी
डीसी–डीडीसी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), कसमार का भी निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी, दंत चिकित्सक कक्ष, युवा मैत्री केंद्र, शौचालय और दवा भंडार कक्ष की जांच की गई। भंडार में एक्सपायरी दवाएं मिलने पर डीसी ने कड़ी नाराजगी जताई और प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को चेतावनी दी।
डीसी का सख्त संदेश
निरीक्षण के अंत में डीसी ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही और शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभानी होगी।









