शव रोकने के आरोप पर बड़ा एक्शन, विधायक रागिनी सिंह और मृतक परिवार से भी ली गई जानकारी
धनबाद के चर्चित असर्फी अस्पताल विवाद मामले में झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है। क्षेत्रीय उपनिदेशक (RDD) उत्तरी छोटानागपुर डॉ. विजय शंकर ने सिविल सर्जन कार्यालय में सभी पक्षों को बुलाकर उनका पक्ष सुना।
बैठक में झरिया विधायक रागिनी सिंह, असर्फी अस्पताल प्रबंधन के प्रतिनिधि और मृतक की पत्नी भी मौजूद रहीं। सभी से घटना को लेकर विस्तृत जानकारी ली गई।
यह मामला उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें कहा गया कि बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर अस्पताल प्रबंधन ने मृतक का शव परिजनों को नहीं सौंपा। इस घटना को लेकर पहले काफी हंगामा भी हुआ था।
बताया जाता है कि संजीत सिंह उर्फ गुड्डू सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद भुगतान को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। बाद में धनबाद के महापौर संजीव सिंह के हस्तक्षेप के बाद बकाया राशि का भुगतान कर शव को अस्पताल से मुक्त कराया गया।
इस मुद्दे को झरिया विधायक रागिनी सिंह ने विधानसभा में भी उठाया था। उन्होंने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
RDD डॉ. विजय शंकर ने मीडिया से कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सभी पक्षों से जवाब लिया गया है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
मृतक की पत्नी शोभा सिंह ने भी कहा कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।
अब सभी की नजरें RDD की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।







