केंदुआडीह और भुधंसान गैस रिसाव को लेकर उठाए सवाल, पीड़ितों की अनदेखी का आरोप; हाई लेवल मीटिंग स्थगन पर भी घेरा
धनबाद में केंदुआडीह और भुधंसान गैस रिसाव के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। धनबाद विधायक राज सिन्हा ने बीसीसीएल और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें संवेदनहीन बताया है।
विधायक ने कहा कि राजनीतिक दबाव में आकर फैसले लिए जा रहे हैं और गैस रिसाव से प्रभावित लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने पीड़ितों की स्थिति पर चिंता जताते हुए तत्काल राहत और ठोस कार्रवाई की मांग की।
दरअसल, प्रीति पूजा द्वारा रचित और वर्ष 2006 में प्रकाशित पुस्तक “खदानों से संवेदना के स्वर” की प्रति सह-लेखक अनिल पांडेय ने विधायक राज सिन्हा को भेंट की। इस दौरान विधायक ने कहा कि यह पुस्तक उस समय के बीसीसीएल अधिकारियों की कार्यशैली और सोच को उजागर करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीएल को मुनाफे में लाने और कोल इंडिया को नवरत्न कंपनी बनाने में जिन श्रमिकों ने अपनी जिंदगी खपा दी, उन्हीं को बाद में नजरअंदाज कर दिया गया।
केंदुआडीह मुद्दे पर बिना अगली तारीख तय किए हाई लेवल मीटिंग को अचानक स्थगित करने पर भी विधायक ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि प्रशासन इस गंभीर मामले को लेकर गंभीर नहीं है।
राज सिन्हा ने जिले के वर्तमान अधिकारियों को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि वह केंदुआडीह के लोगों के हर मुद्दे पर उनके साथ खड़े रहेंगे।
इस दौरान उन्होंने पूर्व मेयर सह जेएमएम नेता चंद्रशेखर अग्रवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पीड़ितों के समर्थन में मौके पर नहीं पहुंचे, वे अब सवाल उठा रहे हैं, जो हास्यास्पद है।
अब देखना होगा कि विधायक के इन आरोपों पर जिला प्रशासन और बीसीसीएल क्या प्रतिक्रिया देता है और गैस रिसाव से प्रभावित लोगों को कब तक राहत मिल पाती है।







