पत्रकारों ने मंत्री Irfan Ansari से माफी और हमलावरों पर कार्रवाई की मांग उठाई, डीसी को सौंपेंगे ज्ञापन
हजारीबाग में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर पूरे झारखंड में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में Bokaro में पत्रकारों ने एकजुट होकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
बोकारो परिसदन में आयोजित बैठक में जिले के पत्रकारों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट कहा कि अब चुप रहना संभव नहीं है। बैठक में गुस्सा और एकजुटता दोनों साफ तौर पर नजर आए।
पत्रकारों ने मंत्री Irfan Ansari से सार्वजनिक माफी की मांग की है। साथ ही हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त कानूनी कार्रवाई और राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया गया।
वक्ताओं ने कहा कि अगर आज इस तरह की घटनाओं के खिलाफ आवाज नहीं उठाई गई, तो आने वाले समय में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
📢 2 मई को विरोध मार्च का ऐलान
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 02 मई 2026 (शनिवार) को सुबह 11 बजे सर्किट हाउस से काला बिल्ला लगाकर विरोध मार्च निकाला जाएगा।
यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए डीसी कार्यालय तक जाएगा, जहां पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेगा।
⚠️ आंदोलन तेज करने की चेतावनी
पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यह विरोध प्रदर्शन सिर्फ शुरुआत है। यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक और तेज किया जाएगा।
🧠 क्या है मामला?
हजारीबाग में एक पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर कथित तौर पर मारपीट की गई थी, जिसके बाद पूरे राज्य में मीडिया जगत में रोष फैल गया है।
📌 निष्कर्ष
यह विरोध सिर्फ एक घटना के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।







