कोटपा-2003 के तहत चास थाना क्षेत्र में चलाया गया छापामारी अभियान
बोकारो: उपायुक्त के आदेशानुसार, सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद के निर्देशन और चास थाना प्रभारी के सहयोग से तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003 (कोटपा 2003) की धारा 4, 6ए, 6बी व 6सी के तहत चास थाना क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया गया। जिला छापामारी दल के सदस्य मो. असलम के नेतृत्व में आईटीआई मोड़, प्रखंड कार्यालय क्षेत्र, धर्मशाला मोड़, तेलीडीह मोड़, चास चेकपोस्ट, स्कूल और अस्पताल के आसपास कुल 87 दुकानों की जांच की गई।
जांच में 19 दुकानों/व्यक्तियों को कोटपा कानून का उल्लंघन करते पाया गया, जिनसे कुल ₹8600 का अर्थदंड वसूला गया।
कोटपा कानून और संशोधन 2021 के मुख्य प्रावधान
जिला परामर्शी मो. असलम ने बताया कि कोटपा संशोधन अधिनियम 2021 के तहत जुर्माने और दंड की राशि बढ़ाई गई है। प्रमुख धाराएं इस प्रकार हैं:
धारा 4: सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान प्रतिबंध – ₹1000 तक का जुर्माना।
धारा 4ए: हुक्काबार पर पूर्ण प्रतिबंध – 1 से 3 वर्ष तक कारावास और ₹50,000 से ₹1,00,000 तक जुर्माना।
धारा 5: तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध – प्रथम अपराध पर ₹1000 या 2 वर्ष का कारावास, पुनरावृत्ति पर ₹5000 या 5 वर्ष का कारावास।
धारा 6ए: 21 वर्ष से कम उम्र के व्यक्तियों को तम्बाकू बेचने पर ₹1000 जुर्माना।
धारा 6बी: शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और सरकारी कार्यालय से 100 मीटर के दायरे में बिक्री प्रतिबंध – ₹1000 जुर्माना।
धारा 6सी: खुली सिगरेट बिक्री प्रतिबंध – ₹1000 जुर्माना।
धारा 7: बिना स्वास्थ्य चेतावनी वाले तम्बाकू उत्पाद की बिक्री पर उत्पादक, वितरक और विक्रेता के लिए अलग-अलग दंड का प्रावधान।
दुकानदारों के लिए चेतावनी
स्वास्थ्य विभाग ने दुकानदारों से अपील की है कि वे कोटपा कानून का पालन करें और तम्बाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन वाले पोस्टर, बैनर या टैग न लगाएं, अन्यथा यह धारा 5 का उल्लंघन माना जाएगा।
मौके पर स्वास्थ्य विभाग के जिला परामर्शी (तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम) मो. असलम, चास थाना के एसआई और छापामारी दस्ता मौजूद थे।







