प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हुआ ऐलान, संयुक्त उद्यम के जरिए स्टेनलेस स्टील स्लैब उत्पादन और वैश्विक सप्लाई चेन को मिलेगी मजबूती।
नई दिल्ली | 08 जुलाई 2026 : भारत की महारत्न इस्पात कंपनी SAIL ने इंडोनेशिया की प्रमुख इस्पात निर्माता PT Krakatau Steel के साथ स्टेनलेस स्टील स्लैब उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम (Joint Venture) की संभावना तलाशने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
SAIL और PT Krakatau Steel मिलकर तलाशेंगे नई संभावनाएं
भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी महारत्न इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने इंडोनेशिया की अग्रणी इस्पात निर्माता PT Krakatau Steel (Persero) Tbk. के साथ स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण के लिए संयुक्त उद्यम (Joint Venture) स्थापित करने की संभावना तलाशने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) की घोषणा की है।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 6 से 8 जुलाई 2026 तक की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठकों के अवसर पर की गई।
निकल संसाधन और भारतीय विशेषज्ञता का होगा समन्वय
इंडोनेशिया विश्व के सबसे समृद्ध निकल (Nickel) भंडार वाले देशों में शामिल है, जो स्टेनलेस स्टील निर्माण का प्रमुख कच्चा माल है। वहीं SAIL के पास पांच दशकों से अधिक का इस्पात उत्पादन, परियोजना प्रबंधन और बड़े एकीकृत इस्पात संयंत्रों के संचालन का अनुभव है। दोनों कंपनियों का यह सहयोग भारत और ASEAN क्षेत्र में बढ़ती स्टेनलेस स्टील की मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
तकनीकी सहयोग और निवेश पर आगे होगा फैसला
प्रस्तावित संयुक्त उद्यम की उत्पादन क्षमता, निवेश संरचना, तकनीकी कॉन्फ़िगरेशन और कार्यान्वयन कार्यक्रम का अंतिम निर्णय व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) तथा दोनों देशों की आवश्यक मंजूरियों के बाद लिया जाएगा।
SAIL ने बताया भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम
SAIL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा कि यह साझेदारी भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए संसाधन सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी और भारत-इंडोनेशिया आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।




