हिंदुस्तान जिंक बनी दुनिया की नंबर-1 कंपनी, वेदांता एल्युमिनियम टॉप 10 में; जलवायु और पर्यावरण संरक्षण में मजबूत प्रतिबद्धता
नई दिल्ली: वेदांता ग्रुप सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। कंपनी न केवल अपने संचालन में सुधार कर रही है, बल्कि समुदायों, संस्थानों और सरकारों के साथ साझेदारी कर जमीनी स्तर पर जलवायु कार्रवाई को भी बढ़ावा दे रही है।
वेदांता का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को समावेशी और दीर्घकालिक सामुदायिक विकास के साथ जोड़ना है, जिससे सकारात्मक और स्थायी प्रभाव सुनिश्चित हो सके।
🌍 वैश्विक स्तर पर मिली पहचान
वेदांता के सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सराहा जा रहा है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने एसएंडपी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं, वेदांता ग्रुप लगातार तीसरे साल इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हुआ है।
वेदांता एल्युमिनियम भी इस सूची में दुनिया की टॉप 10 कंपनियों में शामिल रही, जो कंपनी के मजबूत ESG प्रदर्शन को दर्शाता है।
🏆 वैश्विक मानक और प्रमाणन में बढ़त
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अंतरराष्ट्रीय काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स (ICMM) में शामिल होने वाली पहली भारतीय माइनिंग कंपनी बन गई है। इसके अलावा कंपनी को सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग में उत्कृष्टता के लिए ICAI अवॉर्ड भी मिला है।
वेदांता ने CDP वाटर स्कोर A- और सप्लायर एंगेजमेंट रेटिंग A- हासिल कर अपने पर्यावरणीय प्रदर्शन को और मजबूत किया है। ESL स्टील के वी-ज़ेगा TMT बार्स को ग्रीनप्रो सर्टिफिकेशन मिला है, जबकि केर्न ऑयल एंड गैस ने “गोल्ड स्टैंडर्ड पाथवे” हासिल किया है।
🏭 ग्रीन प्रोडक्ट और इनोवेशन पर फोकस
वेदांता एल्युमिनियम ने बाल्को में “रेस्टोरा” के जरिए अपने लो-कार्बन ‘ग्रीन’ एल्युमिनियम पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। वहीं, आयरन ओर बिजनेस को फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज़ द्वारा उत्कृष्ट ESG प्रथाओं के लिए सम्मानित किया गया है।
कंपनी का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वेदांता न केवल औद्योगिक विकास, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए भी प्रतिबद्ध है।







