चांडिल के फदलोगोड़ा गांव में जलजमाव से बनी तालाब जैसी सड़क में युवक की डूबने से मौत।
चांडिल : जलनिकासी की लापरवाही एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। चांडिल प्रखंड के फदलोगोड़ा गांव में जलजमाव के कारण तालाब जैसी बन चुकी सड़क में एक युवक की डूबकर मौत हो गई। घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है, जबकि युवक का शव मंगलवार सुबह पानी में तैरता मिला।
स्थानीय लोगों ने एनएचएआई पर जताया आक्रोश
ग्रामीणों ने बताया कि यह मुख्य सड़क एनएच-33 से जुड़ी है। हाल ही में एनएचएआई द्वारा कलवर्ट बंद कर दिए जाने के कारण भारी बारिश का पानी सड़क पर जमा हो गया, जिससे वह तालाब का रूप ले चुकी है।
गांव के संजय प्रमाणिक के अनुसार, स्थानीय लोग इस खतरनाक मार्ग का उपयोग नहीं करते। मृत युवक संभवतः पहली बार गांव आया था और उसे वैकल्पिक रास्तों की जानकारी नहीं थी। इसी कारण वह जलजमाव वाली सड़क से गुजर गया और हादसे का शिकार हो गया।
72 घंटे तक शव रहेगा शीतगृह में
चांडिल थाना प्रभारी डील्शन बिरुआ ने बताया कि युवक की पहचान नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पहचान के लिए उसे 72 घंटे तक शीतगृह में रखा जाएगा। पहचान नहीं होने की स्थिति में यूडी केस दर्ज कर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
आसनबनी पंचायत के उपमुखिया प्रदीप महतो ने एनएचएआई की लापरवाही को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि डेढ़ महीने पहले एसडीओ, सीओ, बीडीओ और एनएचएआई के अधिकारियों ने जलनिकासी की समस्या को लेकर स्थल निरीक्षण किया था, लेकिन उसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
स्थानीय लोगों की मांग
इस हादसे के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है। सभी ने प्रशासन से मांग की है कि जलजमाव की इस गंभीर समस्या का अविलंब समाधान किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराई जाएं।







