बोकारो इस्पात पुस्तकालय में आयोजित काव्य गोष्ठी में प्रकृति, समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रचनाओं ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
बोकारो | 20 जून 2026
बोकारो इस्पात पुस्तकालय, सेक्टर-5 में आयोजित काव्य गोष्ठी में शहर के प्रतिष्ठित कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्यिक वातावरण को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में पर्यावरण, सामाजिक सरोकार, पारिवारिक रिश्तों और भारतीय संस्कृति जैसे विषयों पर प्रस्तुत कविताओं ने श्रोताओं की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरी सिन्हा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद एक से बढ़कर एक कविताओं और गीतों की प्रस्तुति ने पूरे सभागार को काव्यमय बना दिया।
साहित्य समाज का दर्पण: मुख्य अतिथि
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि कवि अपने युग का प्रतिनिधि होता है और उसकी रचनाओं में समय और समाज की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं साहित्यकार कनकलता राय ने कहा कि साहित्यिक सृजन मानव मस्तिष्क को नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने सभी प्रस्तुत रचनाओं की समीक्षा करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
विविध विषयों पर गूंजी रचनाएं
गोष्ठी में महंगाई, पर्यावरण संरक्षण, प्रकृति, सामाजिक विसंगतियां, रिश्तों की संवेदनाएं, भारतीय संस्कृति और इतिहास जैसे विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत की गईं। कवियों और कवयित्रियों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
साहित्य प्रेमियों ने की सराहना
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत रचनाओं को श्रोताओं ने खूब सराहा। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित साहित्य प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में आयोजित यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।




