राज्यपाल ने बंगाल की सांस्कृतिक विरासत, साहित्य, कला और राष्ट्र निर्माण में योगदान को सराहा
रांची | 20 जून 2026
झारखंड राजभवन में आयोजित पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने देश की विविधता और सांस्कृतिक एकता को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” पहल राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत कर रही है।
पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के अवसर पर रांची स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने झारखंड में निवास कर रहे पश्चिम बंगालवासियों को शुभकामनाएं देते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर बल दिया।
विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति
राज्यपाल ने कहा कि भारत अनेक भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और जीवन-पद्धतियों का संगम है। भिन्नताओं के बावजूद “विविधता में एकता” हमारी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पारस्परिक समझ और भावनात्मक एकता को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल का रिश्ता केवल भौगोलिक नहीं
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच केवल भौगोलिक निकटता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और भावनात्मक संबंध भी बेहद गहरे हैं। उन्होंने झारखंड में निवासरत बंगाली समाज के शिक्षा, संस्कृति, उद्योग, व्यापार और सामाजिक क्षेत्रों में योगदान की सराहना की।
बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का किया उल्लेख
अपने संबोधन में उन्होंने बंगाल को ज्ञान, सृजनशीलता और सांस्कृतिक चेतना की भूमि बताते हुए कहा कि सामाजिक पुनर्जागरण से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक बंगाल ने राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। साहित्य, संगीत, कला और सिनेमा के क्षेत्र में बंगाल का योगदान अविस्मरणीय रहा है। महान फिल्मकार सत्यजीत रे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल ने भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई।
उद्योग, शिक्षा और विज्ञान में भी अग्रणी
राज्यपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने उद्योग, कृषि, शिक्षा, विज्ञान और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने राज्य के नागरिकों की निरंतर शांति, समृद्धि और विकास की कामना की।
कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी ने स्वागत भाषण देते हुए पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और राज्य की सांस्कृतिक तथा औद्योगिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।




