जिलास्तरीय पदाधिकारियों ने विभिन्न पंचायतों का किया दौरा, योजनाओं की समीक्षा कर ग्रामीणों से जुड़ी समस्याओं को जाना
बोकारो: उपायुक्त अजय नाथ झा के निर्देश पर जिले में “हमारा गांव – हमारे लोग” अभियान के तहत शनिवार, 19 जुलाई 2025 को जिले के विभिन्न प्रखंडों की चयनित पंचायतों का वरीय पदाधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। अभियान का उद्देश्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और ग्रामीणों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से जानना था।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों ने सीएचसी/पीएचसी, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, जल आपूर्ति योजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा कार्य स्थल आदि का भौतिक निरीक्षण किया। साथ ही उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।
स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, जलापूर्ति और रोजगार योजनाओं पर रहा फोकस
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने:
स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाओं की उपलब्धता की स्थिति जानी।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति और पोषण आहार वितरण की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया।
विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था की जांच की।
मनरेगा स्थलों पर कार्यरत मजदूरों की उपस्थिति और मजदूरी भुगतान की स्थिति की समीक्षा की।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
इन अधिकारियों ने इन पंचायतों का किया दौरा
उपायुक्त के निर्देशानुसार निम्न पदाधिकारियों ने संबंधित पंचायतों का निरीक्षण किया:
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार – भतुआ पंचायत, चास प्रखंड
अपर समाहर्ता मो. मुमताज अहमद – बारु पंचायत, जरीडीह
जिला ग्रामीण विकास निदेशक मेनका – तेलो मध्य पंचायत, चंद्रपुरा
जिला परिवहन पदाधिकारी वंदना शेजवलकर – दारिद पंचायत, पेटरवार
अनुमंडल पदाधिकारी चास प्रांजल ढ़ांडा – सियालजोरी पंचायत, चंदनकियारी
जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खालखो – जरीडीह पूर्वी पंचायत, बेरमो
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारिका बैठा – बरईकला पंचायत, कसमार
अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुआ – चीरूडीह पंचायत, नावाडीह
ग्रामीणों से संवाद, समस्याओं को किया चिह्नित
निरीक्षण के क्रम में पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं से मिलने वाले लाभ और आने वाली परेशानियों को समझा।
कुछ स्थानों पर मनरेगा मजदूरी में विलंब, पोषण वितरण में असमानता, तथा योजना कार्यों में धीमी प्रगति की शिकायतें सामने आईं, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए।
👉 यह अभियान प्रशासन की ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी और योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे न केवल योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि स्थानीय विकास में भी गति आएगी।







