📍 बीएसएल और आईआईएम रांची का संयुक्त प्रयास
26 जुलाई 2024 को बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के ज्ञानार्जन एवं विकास केंद्र में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची के सहयोग से “साइंस एंड प्रैक्टिस ऑफ हैप्पीनेस” विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह आयोजन कर्मचारियों के भावनात्मक कल्याण, मानसिक संतुलन, और सकारात्मक नेतृत्व कौशल के विकास को ध्यान में रखते हुए किया गया।
👩💼 मुख्य अतिथि और विशिष्ट प्रतिनिधि
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि थीं राजश्री बनर्जी, अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन), बीएसएल।
आईआईएम रांची से उपस्थित थीं वरीय फैकल्टी तनुश्री दत्ता, साथ ही प्रोफेसर गौरव मनोहर मराठे और प्रोफेसर राजशेखर डेविड।
🎙️ कार्यक्रम की शुरुआत और स्वागत भाषण
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य महाप्रबंधक (ज्ञानार्जन एवं विकास) नीता बा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि:
“तेजी से बदलते प्रतिस्पर्धात्मक कार्य वातावरण में त्वरित निर्णय, भावनात्मक लचीलापन और प्रामाणिकता जैसे गुणों के साथ कार्यस्थल को खुशहाल और सकारात्मक बनाए रखना आज की महती आवश्यकता है।”
👥 प्रतिभागियों की सहभागिता और सत्र की मुख्य बातें
बीएसएल के 26 वरीय अधिकारी प्रशिक्षण में प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए।
आईआईएम रांची के विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक विधियों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को “हैप्पीनेस” के सिद्धांतों से अवगत कराया।
कार्यक्रम में सुरक्षा शपथ भी दिलाई गई, जिसे मुख्य अतिथि सुश्री राजश्री बनर्जी ने सभी को दिलाया। उन्होंने इस्पात उद्योग की चुनौतियों के बीच ऐसे आयोजनों की प्रासंगिकता और प्रभावशीलता को रेखांकित किया।
🛠️ संचालन और सहयोग
इस सफल आयोजन का संचालन सहायक महाप्रबंधक श्री अमित आनंद द्वारा किया गया।
श्री ऋषिकेश रंजन और श्री सिद्धो चरण मुर्मू ने कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✅ निष्कर्ष
बीएसएल और आईआईएम रांची की इस संयुक्त पहल ने यह साबित किया कि कार्यस्थल पर खुशहाली, सकारात्मक सोच, और भावनात्मक सशक्तिकरण किसी भी उद्योग के सतत विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह कार्यक्रम न केवल पेशेवर दक्षता को बढ़ावा देता है, बल्कि एक स्वस्थ कार्यसंस्कृति की भी नींव रखता है।







