शैलेश मिश्रा ने कहा—साहित्य समाज का दर्पण | युवाओं को मातृभाषा से जुड़ने का संदेश
बोकारो | बोकारो इस्पात संयंत्र के जनवृत-5 स्थित बोकारो इस्पात पुस्तकालय में एक भव्य कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के कवियों और साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से माहौल को साहित्यिक रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप महाप्रबंधक (विधि) शैलेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होने के साथ-साथ मानव मस्तिष्क को उर्वर बनाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक शहर में यह पुस्तकालय रचनाकारों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है और युवाओं को अपनी मातृभाषा से जुड़ने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि उप महाप्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) आलोक कुमार ने कहा कि साहित्यकारों के बीच रहने से रचनात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लेखक अपने समय का सशक्त प्रतिनिधित्व करते हैं।
🎤 कार्यक्रम की खास झलकियां
- सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ (शीला तिवारी)
- कस्तूरी सिन्हा द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत
- अध्यक्षता: डॉ. आशा पुष्प
- मंच संचालन: लव कुमार
✍️ काव्य पाठ में छाए ये कवि
काव्य गोष्ठी में कई रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया:
- डॉ. नरेंद्र कुमार राय – “त्राहि मां त्राहि माम्”
- लव कुमार – “बोझ लिए फिरता हूँ”
- अमृता शर्मा – “गर्मी की हठधर्मी”
- कस्तूरी सिन्हा – “ईंट-गारे का सिमटा घरौंदा”
- रिंकू गिरि – “दर्शन तेरे”
इसके अलावा अर्चना मिश्रा, पूर्णिमा सुमन, ताराचंद महतो, कल्पना केसर, क्रांति श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, श्याम सुंदर केवट, सोनी कुमारी, आकाश खूंटी, अंकित उपाध्याय, पंकज दास, पद्मावती कोमल, शीला तिवारी, संजू कुमारी, सुप्रिया सरस और दुर्गेश कुमार ने भी अपनी कविताओं से कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
🤝 आयोजन में अहम भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहायक प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) मानस चंद्र रजवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अंत में अमृता शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे, जिनमें मनोज कुमार निशांत, आर.पी. वर्मा, रंजना श्रीवास्तव, आयुष रंजन, एम.के. अभिमन्यु और आर.के. सिंह प्रमुख थे।
📊 क्यों खास रहा आयोजन
- बोकारो में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा
- युवा रचनाकारों को मंच
- मातृभाषा के प्रति जागरूकता
- औद्योगिक शहर में सांस्कृतिक संतुलन







