RBSK और अमृता अस्पताल की संयुक्त पहल, जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को मिलेगा नि:शुल्क उपचार; निदेशक बोले- आर्थिक अभाव इलाज में बाधा नहीं बनना चाहिए।
बोकारो | 19 जुलाई 2026 : बोकारो में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और अमृता अस्पताल, कोच्चि के सहयोग से आयोजित ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ स्वास्थ्य शिविर में 259 बच्चों की हृदय संबंधी जांच की गई। जांच के दौरान 40 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग या अन्य गंभीर हृदय समस्याएं पाई गईं, जिनका नि:शुल्क इलाज और आवश्यकता पड़ने पर हार्ट सर्जरी कराई जाएगी।
‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ शिविर बना जरूरतमंद बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण
शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल), बोकारो में शनिवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) एवं अमृता अस्पताल, कोच्चि (केरल) के संयुक्त तत्वावधान में ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जन्म से 18 वर्ष तक के 259 बच्चों की विशेषज्ञ डॉक्टरों ने हृदय संबंधी जांच की।
40 बच्चों को मिलेगा नि:शुल्क इलाज और हार्ट सर्जरी
विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच में 40 बच्चों में जन्मजात हृदय रोग अथवा अन्य गंभीर हृदय संबंधी समस्याओं की पुष्टि हुई। ऐसे सभी पात्र बच्चों को कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क उपचार, विशेषज्ञ चिकित्सा और आवश्यकता पड़ने पर हृदय सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
“आर्थिक अभाव इलाज में बाधा नहीं बनना चाहिए” – एनआरएचएम निदेशक
एनआरएचएम के निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि ‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे का इलाज सिर्फ आर्थिक कारणों से प्रभावित नहीं होना चाहिए। RBSK के माध्यम से चिन्हित बच्चों की जांच, उपचार और सर्जरी पूरी तरह नि:शुल्क कराई जाएगी।
उपायुक्त ने बताया बच्चों के लिए महत्वपूर्ण पहल
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए यह कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। इससे जरूरतमंद बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों से नि:शुल्क इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में हृदय संबंधी लक्षण दिखाई देने पर ऐसे शिविरों में अवश्य जांच कराएं।
स्वस्थ भविष्य की ओर बड़ा कदम
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रजेश कुमार ने भी कार्यक्रम को जरूरतमंद बच्चों के लिए आशा की नई किरण बताते हुए कहा कि यह पहल बच्चों को स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।




