बोकारो इस्पात संयंत्र में संवाद से मजबूत होगी कार्य-संस्कृति | श्रमिकों की भागीदारी पर जोर
बोकारो | 17 अप्रैल 2026 को बोकारो निवास में बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के शीर्ष प्रबंधन और विभिन्न श्रमिक संगठनों के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त संवाद बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संयंत्र की वर्तमान प्रगति, भविष्य की परियोजनाओं और उत्पादन से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत अधिशासी निदेशक (मानव संसाधन) सुश्री राजश्री बनर्जी के स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने संयंत्र के लक्ष्यों की प्राप्ति में श्रमिकों के योगदान की सराहना की।
इसके बाद निदेशक प्रभारी श्री प्रिय रंजन ने अपने संबोधन में पिछले वर्ष की उपलब्धियों, आगामी लक्ष्यों और नई परियोजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने इस्पात उद्योग की मौजूदा चुनौतियों का उल्लेख करते हुए बोकारो स्टील प्लांट की भविष्य की रणनीतियों पर भी प्रकाश डाला।
बैठक के दौरान पीपीसी, प्रोजेक्ट्स और मानव संसाधन विभाग की ओर से विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें संयंत्र के परिचालन प्रदर्शन और विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति को रखा गया।
👥 इन संगठनों ने लिया हिस्सा
बैठक में कई प्रमुख श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें शामिल हैं:
- बोकारो स्टील वर्कर्स यूनियन (INTUC)
- बोकारो इस्पात कामगार यूनियन (AITUC)
- इस्पात मजदूर मोर्चा (CITU)
- क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (HMS)
- बोकारो स्टील राष्ट्रीय मजदूर संघ (BMS)
- क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (SS)
- जय झारखंड मजदूर समाज (JJMS)
सभी प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे और विभिन्न मुद्दों पर प्रबंधन के साथ सार्थक चर्चा की।
⚠️ क्या बोले निदेशक प्रभारी?
निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन ने कहा कि:
👉 “संयंत्र की प्रगति में श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।”
👉 “संवाद और समन्वय से ही सुरक्षित, उत्पादक और मजबूत कार्य-संस्कृति विकसित की जा सकती है।”
📊 बैठक का उद्देश्य और असर
- प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर तालमेल
- उत्पादन और विकास योजनाओं को गति
- सकारात्मक कार्य वातावरण का निर्माण
- भविष्य की रणनीति को स्पष्ट दिशा







