RPF और चाइल्डलाइन की संयुक्त कार्रवाई में पटना–रांची ट्रेन से 11 नाबालिग सुरक्षित बरामद, CWC ने CCI भेजा; बाल तस्करी, बाल श्रम समेत सभी पहलुओं की जांच जारी।
बोकारो | 1 जुलाई 2026
बोकारो रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और चाइल्डलाइन की संयुक्त कार्रवाई में पटना–रांची ट्रेन से 11 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत कर बाल देखभाल संस्थान (CCI) भेज दिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों के बिहार के अररिया जिले का निवासी होने की जानकारी मिली है। मामले में बाल तस्करी, बाल श्रम और अन्य संभावित अपराधों के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
RPF और चाइल्डलाइन की सतर्कता से बचाए गए 11 बच्चे
30 जून 2026 की रात बोकारो रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने चाइल्डलाइन के सहयोग से पटना–रांची ट्रेन से 11 बच्चों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। सभी बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति (CWC), बोकारो के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि सभी बच्चे बिहार के अररिया जिले के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 12 से 17 वर्ष के बीच है। बच्चों ने बताया कि उनके गांव के दो युवक उन्हें रेलवे से संबंधित काम दिलाने के नाम पर रांची ले जा रहे थे।
बाल तस्करी और बाल श्रम के एंगल से जांच
पूछताछ के दौरान सामने आया कि अधिकांश बच्चे अपना नाम तक लिखना नहीं जानते, जिससे उनकी सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति बेहद कमजोर प्रतीत होती है। इसी को देखते हुए बाल कल्याण समिति ने मामले में बाल तस्करी, बाल श्रम और अन्य संभावित अपराधों के सभी पहलुओं की गहन जांच शुरू कर दी है।
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी को अस्थायी संरक्षण के लिए बाल देखभाल संस्थान (CCI) भेजा गया है।
UNICEF के P2E कार्यक्रम से जोड़े जाएंगे बच्चे
बच्चों के पुनर्वास और भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए उन्हें UNICEF के Passport to Earning (P2E) कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। इसके तहत काउंसलिंग, मनोसामाजिक सहायता, जीवन कौशल, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, करियर मार्गदर्शन और सुरक्षित रोजगार से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
CWC अध्यक्ष ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती लीलावती देवी ने कहा कि बच्चों को रांची ले जाने के वास्तविक उद्देश्य की गहन जांच की जा रही है। यदि किसी व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं बाल तस्करी, बाल श्रम या किसी बच्चे को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाते हुए देखें तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को सूचना दें।





