जामताड़ा-बोकारो-धनबाद के गिरोह का भंडाफोड़, 34 लाख नकद बरामद, साइबर ठगी की फिल्मी स्टाइल साजिश
बोकारो/जामताड़ा | 25 जुलाई, 2025
दिनांक 18 जुलाई को शाम करीब 6:15 बजे चास (मु०) थाना क्षेत्र के अलकुशा मोड़ के पास फिल्मी स्टाइल में लूट की वारदात को अंजाम दिया गया, जिसमें एक RTGS ठगी के जरिए पैसे दुगुना करने के बहाने 65 लाख रुपये की ठगी और 34 लाख रुपये की लूट की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें जामताड़ा के दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
घटना का संक्षिप्त ब्यौरा
चास थाना क्षेत्र में अलकुशा मोड़ के पास वादी अभय आनंद के साथ उनके सहयोगी दिलीप तिवारी को अज्ञात अपराधियों ने काले रंग की VENUE कार से जबरन उतार कर 34 लाख की नकदी लूट ली। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया।
65 लाख रुपये की RTGS ट्रांजैक्शन के बाद की गई लूट
वादी अभय आनंद, दिलीप तिवारी और अन्य सहयोगी 1.30 करोड़ रुपये की डील के लिए धनबाद के गोविंदपुर स्थित खालसा होटल के पास पहुंचे थे। वहाँ कथित तौर पर पाठक उर्फ बंटी सिंह व अन्य ने उन्हें नकद देने के नाम पर अपने सहयोगी अमित साव के दो फर्जी कंपनियों – Shaw Contractors OPC Pvt Ltd एवं Amit Enterprise, Asansol के बैंक खातों में 65 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए।
इसके बाद उन्हें फर्जी नकद पैसे की दो पेटियों से भरकर VENUE कार में बैठाया गया, और धनबाद की ओर जाते समय अलकुशा मोड़ पर लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
छापेमारी और बरामदगी
बरामद नकदी और वाहन:
कुल बरामद नकद राशि: ₹34,00,000
वाहन:
बुलेट मोटरसाइकिल (JH21L-7543)
NISSAN कार (JH10AV-1253)
मोबाइल डिवाइस:
3 मोबाइल (2 स्मार्टफोन, 1 की-पैड)
गिरफ्तार आरोपी और नेटवर्क
नरेश मंडल, उम्र 48, मिहिजाम, जामताड़ा
अमित साव, उम्र 37, मिहिजाम, जामताड़ा
इन दोनों के पास से नकदी, फर्जी बैंक खाते और कई मोबाइल जब्त किए गए। जांच में पता चला कि अमित साव के नाम पर YES, IDBI, SBI, AXIS, Ujjivan और Kotak Mahindra बैंक में 13 फर्जी खाते संचालित हो रहे थे। वहीं, नरेश मंडल के पास भी कई फर्जी खातों के जरिए लेन-देन हो रहा था।
ठगी का तरीका (Modus Operandi)
फर्जी कंपनी के नाम से बैंक खाता खोलना
मोबाइल कॉल के माध्यम से लोगों को दोगुना पैसा देने का झांसा
RTGS के माध्यम से रकम ट्रांसफर करवाना
बाद में नकदी देने के नाम पर लूट या गुमराह करना
लेन-देन पर कमीशन में 15% हिस्सा और 2% Income Tax के रूप में दिखाना
पुलिस छापेमारी टीम
छापेमारी में चास, चिरा चास, पिंड्राजोरा और मिहिजाम थानों के कुल 11 पुलिसकर्मी शामिल थे, जिनमें प्रमुख थे:
पु०अ०नि० प्रकाश मंडल, थाना प्रभारी, चास (मु०)
पु०अ०नि० अभिषेक कुमार रंजन, पिंड्राजोरा
पु०अ०नि० चन्दन कुमार दुबे, चिरा चास
पु०अ०नि० अनिकेत कुमार, पिंड्राजोरा
स०अ०नि० रंजन कुमार मिश्रा, चिरा चास
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
अनुसंधान में यह भी पता चला कि इसी गिरोह ने पहले भी 38 लाख और 15 लाख रुपये की ठगी की है। पुलिस उजले स्कार्पियों वाहन में सवार अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। मामले में अन्य जिलों की पुलिस भी सक्रिय रूप से शामिल है।
निष्कर्ष:
यह घटना जामताड़ा से जुड़े साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क को उजागर करती है, जो लोगों को दोगुना पैसा दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की सतर्कता से समय रहते एक बड़ी साजिश नाकाम हो पाई है, लेकिन यह घटना आम लोगों को सतर्क करने के लिए एक चेतावनी है।







