Vedanta ने कॉर्पोरेट पुनर्गठन को दी मंजूरी, एल्युमीनियम, पावर, ऑयल-गैस और स्टील बिजनेस होंगे अलग
मुंबई: Vedanta Limited ने अपने बहुप्रतीक्षित डीमर्जर प्लान को आगे बढ़ाते हुए 1 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट घोषित कर दी है। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने ‘कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट’ को लागू करने के लिए अहम मंजूरी दे दी है।
यह कदम कंपनी के रणनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसके तहत वेदांता अपने कारोबार को अलग-अलग सेक्टर आधारित कंपनियों में विभाजित करेगी।
📊 1 मई 2026 होगी रिकॉर्ड डेट
कंपनी के अनुसार, 1 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। इस दिन जिन निवेशकों के पास वेदांता के शेयर होंगे, वही डीमर्जर के बाद बनने वाली कंपनियों में शेयर पाने के पात्र होंगे।
📈 शेयर आवंटन का पूरा गणित
योग्य शेयरधारकों को निम्नलिखित अनुपात में नई कंपनियों के शेयर मिलेंगे:
- वेदांता एलुमिनियम मेटल लिमिटेड (VAML):
1 शेयर के बदले 1 इक्विटी शेयर (₹1 फेस वैल्यू) - तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (Vedanta Power):
1 शेयर के बदले 1 इक्विटी शेयर (₹10 फेस वैल्यू) - मालको एनर्जी लिमिटेड (Vedanta Oil & Gas):
1 शेयर के बदले 1 इक्विटी शेयर (₹1 फेस वैल्यू) - वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL):
1 शेयर के बदले 1 इक्विटी शेयर (₹1 फेस वैल्यू)
🏭 चार स्वतंत्र कंपनियों में बंटेगा कारोबार
डीमर्जर के बाद एल्युमीनियम, पावर, ऑयल एंड गैस और आयरन-स्टील सेक्टर में चार अलग-अलग कंपनियां बनाई जाएंगी।
तलवंडी साबो पावर लिमिटेड और मालको एनर्जी लिमिटेड का नाम बदलकर क्रमशः वेदांता पावर और वेदांता ऑयल एंड गैस किया जाएगा।
🚀 निवेशकों को क्या फायदा?
यह पुनर्गठन कंपनी की कॉर्पोरेट संरचना को सरल बनाएगा और हर बिजनेस यूनिट को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर देगा।
इससे:
- निवेशकों को अलग-अलग सेक्टर में निवेश का मौका मिलेगा
- पारदर्शिता बढ़ेगी
- हर बिजनेस का मूल्यांकन आसान होगा
- ग्लोबल निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी







