पिंडराजोरा से 2020 में लापता हुई थी नाबालिग, मां की गुहार के बाद CID ने शुरू की नई जांच
बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से साढ़े पांच साल पहले लापता हुई नाबालिग सेजल झा के मामले में अब एक नई उम्मीद जगी है। लगातार न्याय की गुहार लगा रही मां उषा झा की अपील के बाद इस केस की जांच अब अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को सौंप दी गई है।
सीआईडी ने इस मामले में कांड संख्या 04/2026 के तहत अज्ञात आरोपितों के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही पूरे मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी गई है।
🔍 2020 में ट्यूशन के लिए निकली, फिर नहीं लौटी
जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2020 को सेजल झा अपने घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी। उस समय उसकी उम्र करीब 14 साल थी और वह कक्षा 9 की छात्रा थी।
घटना के दिन सुबह करीब पौने 11 बजे वह कुरमा गांव के लिए निकली थी। कुछ ही समय बाद सड़क किनारे उसकी साइकिल, चप्पल और किताब-कॉपी बिखरी हुई मिली। कॉपी पर नाम देखकर परिजनों ने उसकी पहचान की, लेकिन इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।
⚠️ अपहरण की आशंका, लेकिन कोई सुराग नहीं
परिजनों ने शुरुआत से ही अपहरण की आशंका जताई थी। हालांकि, इतने लंबे समय में न तो कोई चश्मदीद सामने आया और न ही फिरौती के लिए कोई कॉल आया।
पिंडराजोरा थाना पुलिस भी अब तक इस मामले में कोई ठोस सुराग नहीं जुटा सकी है।
👩👧 मां की गुहार, अब जगी उम्मीद
सेजल की मां उषा झा पिछले साढ़े पांच साल से अपनी बेटी को खोजने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं।
अब CID को जांच सौंपे जाने के बाद परिवार को उम्मीद है कि मामले में जल्द ही कोई ठोस सुराग मिलेगा और उनकी बेटी का पता चल सकेगा।







