गोमिया और कसमार प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविकाओं, एएनएम और सहिया साथियों को मिला समर एप और पोषण सर्वेक्षण का प्रशिक्षण
बोकारो : झारखंड सरकार द्वारा कुपोषण और एनीमिया जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चलाए जा रहे समर (SAAMAR – Strategic Action for Alleviation of Malnutrition and Anemia Reduction) अभियान के तहत आज गोमिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों, किशोरियों, युवतियों, धात्री एवं गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों और पोषण उपचार केंद्रों के माध्यम से उपचार दिलाना है।
प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता अंचल अधिकारी सह प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मो. आफताब ने की। साथ ही कसमार प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं, एएनएम एवं सहिया साथियों को भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण दिया गया।
🔍 प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु:
कुपोषण और एनीमिया की पहचान: चिन्हित बच्चों और महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों में जांच कर पोषण केंद्रों में भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य और पोषण शिक्षा: लोगों को संतुलित आहार, स्वच्छता और जीवनशैली से जुड़ी जानकारी दी जाएगी।
खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ: बच्चों की शारीरिक व मानसिक वृद्धि के लिए रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सुरक्षा एवं जागरूकता: बच्चों को ‘गुड टच और बैड टच’ जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।
📱 समर ऐप का प्रशिक्षण:
सभी सेविकाओं को समर मोबाइल एप के माध्यम से डेटा एंट्री, पोषण ट्रैकर की नियमित अपडेटिंग और सर्वेक्षण के तकनीकी पहलुओं पर प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि अगर तीन माह तक पोषण ट्रैकर में जानकारी अपडेट नहीं की गई, तो संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलने वाली सुविधाएं बंद कर दी जाएंगी।
महिला पर्यवेक्षिकाओं ने अभियान की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जो जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य क्रांति लाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।
👩⚕️ उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
डॉ. रंजन कुमार (चिकित्सा पदाधिकारी, गोमिया)
रविकांत (प्रबंधक, पटेल अस्पताल, गोमिया)
अन्य विभागीय पदाधिकारी एवं प्रशिक्षकगण







