जिला निर्वाचन पदाधिकारी अजय नाथ झा की अध्यक्षता में समाहरणालय में हुई बैठक, राजनीतिक दलों को मिला प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश
बोकारो : भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगामी मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के प्रभावी संचालन को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा ने बुधवार को समाहरणालय कार्यालय कक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य राजनीतिक दलों द्वारा बूथ लेवल एजेंट (BLA) की समय पर नियुक्ति सुनिश्चित कराना था, जिससे मतदाता सूची का संशोधन कार्य पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित रूप से संपन्न हो सके।
🔍 बीएलए की नियुक्ति प्रक्रिया और उद्देश्य:
प्रत्येक मान्यता प्राप्त दल को प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक BLA नियुक्त करना अनिवार्य है।
बीएलए का नाम उसी केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए।
फॉर्म BLA-2 में फोटो, मोबाइल नंबर और हस्ताक्षर आवश्यक हैं।
बीएलए को उनका नियुक्ति पत्र बीएलओ या एईआरओ/ईआरओ को सौंपना होगा।
📋 विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 का उद्देश्य और तैयारी:
2003 के बाद पहली बार पूर्ण गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है।
जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था, उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं।
अन्य मतदाताओं को 11 प्रकार के मान्य सरकारी दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।
Enumeration Form ऑनलाइन या बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन भरा जा सकता है।
सभी बीएलओ को पहले ही प्रशिक्षित किया जा रहा है।
🏫 मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और भवनों का स्थानांतरण:
जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है, वहां नया मतदान केंद्र बनाया जाएगा।
नया केंद्र अधिकतम 2 किमी की परिधि में हो और उसमें बिजली, पानी, शौचालय, शेड, फर्नीचर जैसी सुविधाएं होनी चाहिए।
जर्जर भवनों को नजदीकी उपयुक्त भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा।
👥 बैठक में शामिल प्रतिनिधि और अधिकारी:
उप विकास आयुक्त: शताब्दी मजूमदार
अपर समाहर्ता: मो. मुमताज अंसारी
राजनीतिक दलों से:
भाजपा: संजय त्यागी
माकपा: राजकुमार गोराई, राम किशोर
बसपा: हरेंद्र कुमार, देवानंद राम
आम आदमी पार्टी: विधान चंद्र राय
झामुमो: आकाश टुडू, राकेश सिन्हा
राजद: जिलाध्यक्ष बुद्धू नारायण यादव, प्रदेश महासचिव घनश्याम चौधरी
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस विशेष पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत और विश्वसनीय बन सके।







