- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
spot_img
HomeNEWSBOKARO“मजदूर की मौत पर भड़का गुस्सा… BSL प्रबंधन झुका!”

“मजदूर की मौत पर भड़का गुस्सा… BSL प्रबंधन झुका!”

spot_img

BSL में कार्य दुर्घटना में ठेका मजदूर की मौत, यूनियन के दबाव में आश्रित को मिला स्थायी नियोजन

मजदूरों के आक्रोश के बाद झुका प्रबंधन, घंटों चला विरोध

सेल बोकारो इस्पात संयंत्र के एसएमएस-1 कास्टर में बुधवार को कार्य के दौरान हुए हादसे में ठेका मजदूर रामजी सिंह की मौत हो गई।

घटना के बाद प्लांट परिसर में मजदूरों का आक्रोश फूट पड़ा और मृतक के आश्रित को स्थायी नौकरी देने की मांग को लेकर घंटों तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा।


कार्य दुर्घटना में गई मजदूर की जान

जानकारी के अनुसार मृतक मजदूर रामजी सिंह मेसर्स प्रोटेक्टिव जनरल इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत थे।

कार्य के दौरान हुई दुर्घटना में उनकी मौत हो गई, जिसके बाद साथी मजदूरों और यूनियन नेताओं ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।


प्रबंधन पर टालमटोल का आरोप

मजदूर संगठनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद प्रबंधन मृतक के आश्रित को स्थायी नियोजन देने के मामले में लगातार टालमटोल करता रहा।

यूनियन नेताओं का कहना था कि संवेदनहीन रवैये के कारण मृतक मजदूर का पार्थिव शरीर घंटों तक न्याय की प्रतीक्षा करता रहा।


यूनियन ने दिया अल्टीमेटम

मौके पर मौजूद क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ, संबद्ध हिन्द मजदूर सभा के संयुक्त महामंत्री Ramesh Prasad Rai ने महामंत्री सह एनजेसीएस सदस्य राजेंद्र सिंह से दूरभाष पर बातचीत की।

इसके बाद यूनियन की ओर से प्रबंधन को दोपहर 2 बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया।


दबाव के बाद प्रबंधन ने सौंपा नियोजन पत्र

मजदूरों के बढ़ते आक्रोश और यूनियन के दबाव के बाद आखिरकार अपराह्न करीब दो बजे प्रबंधन ने मृतक मजदूर के आश्रित को स्थायी नियोजन पत्र सौंप दिया।

इसके बाद मजदूरों का विरोध शांत हुआ।


बड़ी संख्या में मौजूद रहे मजदूर

घटना के दौरान प्लांट परिसर में बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।

मौके पर आरके सिंह, शंभु प्रसाद, सत्येंद्र सिंह, राजीव सिंह, सुनील महतो, टिंकू मिश्रा, संतोष सिंह, संतोष कुमार, अंबेडकर कुमार, इरफान समेत कई यूनियन पदाधिकारी और मजदूर उपस्थित थे।


Conclusion

बीएसएल में हुई इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर ठेका मजदूरों की सुरक्षा और प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि यूनियन के दबाव के बाद मृतक के परिवार को स्थायी नियोजन मिलने से मजदूरों में कुछ राहत जरूर देखी गई।

spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine
spot_img

Most Popular

spot_img

Recent Comments

error: Content is protected !!