बोकारो के पेटरवार में आदिवासी परिवार ने लगाई न्याय की गुहार
भाजपा के वरीय नेता Champai Soren ने बोकारो में आदिवासी जमीन कब्जे के मामले को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि पेटरवार प्रखंड के उलगड़ा पंचायत में आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
“संथाल परगना की डेमोग्राफी बदली”
बोकारो परिसदन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चंपई सोरेन ने कहा कि कथित “अबुआ आदिवासी सरकार” के संरक्षण में संथाल परगना की डेमोग्राफी बदल गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बोकारो भी इससे अछूता नहीं रहा है।
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जमीन कब्जे का लगाया आरोप
चंपई सोरेन ने दावा किया कि पेटरवार प्रखंड के उलगड़ा पंचायत में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर लिया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन गरीब आदिवासियों को न्याय दिलाने में विफल साबित हो रहा है।
“जरूरत पड़ी तो खुद जमीन वापस लेंगे”
भाजपा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोग खुद जमीन वापस लेने का काम करेंगे।
पीड़ित महिला ने सुनाई आपबीती
पीड़ित महिला ने बताया कि कुछ महीने पहले एसडीओ की पहल पर अवैध निर्माण हटाया गया था।
लेकिन उसके बाद फिर से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
महिला का आरोप है कि जमीन पर जाने पर मारपीट की जाती है और प्रशासन भी उनका साथ नहीं दे रहा है।
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प्रशासन की भूमिका पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
पीड़ित परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग की है।
Conclusion
बोकारो के पेटरवार में आदिवासी जमीन कब्जे का मामला अब राजनीतिक रूप लेता नजर आ रहा है।
चंपई सोरेन के बयान के बाद प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।







