परिजनों की मांग – मुख्य आरोपी का नार्को टेस्ट हो, सच आए सामने
बोकारो | पुष्पा हत्याकांड मामले में झारखंड हाईकोर्ट की सख्ती के बाद बोकारो पुलिस अब पूरी तरह सक्रिय हो गई है। कोर्ट के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है और अहम कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में पिंडराजोड़ा थाना पुलिस ने आज पीड़िता के माता-पिता को सदर अस्पताल ले जाकर उनका डीएनए सैंपल लिया। यह प्रक्रिया डॉक्टरों की निगरानी में पूरी की गई।
⚖️ हाईकोर्ट के सख्त निर्देश
हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि दो सप्ताह के भीतर डीएनए जांच रिपोर्ट हर हाल में प्रस्तुत की जाए। साथ ही डीएनए टेस्ट कोलकाता स्थित फॉरेंसिक लैब में कराने का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा, बरामद नरकंकाल का पोस्टमार्टम रिम्स में कराने का निर्देश दिया गया है।
👮♂️ बड़े अधिकारियों की कोर्ट में पेशी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने राज्य के डीजीपी, आईजी, डीआईजी, बोकारो एसपी, एफएसएल डायरेक्टर और एसआईटी टीम को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था। सभी अधिकारी कोर्ट में पेश हुए और मामले के जल्द निष्पादन का आश्वासन दिया।
नई SIT टीम भी सभी दस्तावेजों के साथ कोर्ट में मौजूद रही, जहां कोर्ट ने टीम से कई महत्वपूर्ण सवाल किए।
🔍 जांच पर उठे सवाल
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने डीजीपी से सवाल किया था कि कंकाल मिलने के बाद भी डीएनए टेस्ट में देरी क्यों हुई। कोर्ट ने कहा कि सैंपल लेकर कुछ ही घंटों में जांच संभव थी, फिर देरी क्यों की गई।
📢 परिजनों की नाराजगी और मांग
वहीं, पीड़िता के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें सिर्फ डीएनए सैंपल लेने के लिए बुलाया गया।
परिजनों ने मुख्य आरोपी दिनेश कुमार महतो का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
⏳ अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद
कोर्ट ने अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है और निर्देश दिया है कि अगली तारीख पर भी डीजीपी, बोकारो एसपी और SIT टीम को उपस्थित रहना होगा।







