न्यायालय की टीम और पुलिस को लौटना पड़ा बैरंग, कब्जाधारी के विरोध से रुकी कार्रवाई
बोकारो | 07 जून 2026
बोकारो के चास थाना क्षेत्र स्थित सुभाष कोऑपरेटिव में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने न्यायिक आदेशों के पालन और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 16 वर्षों तक अदालत में चले जमीन विवाद में फैसला आने के बाद भी जमीन पर दखल-दिहानी की कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी। विरोध और हंगामे के बीच न्यायालय की टीम तथा पुलिस को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा।
मामला सुभाष कोऑपरेटिव में आवंटित 10 डिसमिल जमीन से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार शांति देवी को यह प्लॉट आवंटित किया गया था, लेकिन वर्षों पहले इस पर दूसरे व्यक्ति द्वारा कब्जा कर लिया गया। मामला 2010 से बोकारो सिविल कोर्ट में विचाराधीन था। हाल ही में कोर्ट ने जमीन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद शांति देवी के पुत्र अरविंद प्रसाद ने दखल-दिहानी के लिए आवेदन दिया।
कोर्ट की टीम पहुंची, शुरू हुआ विरोध
कोर्ट के आदेश पर नाजिर अवतार सिंह मात अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में चास थाना पुलिस भी पहुंची। लेकिन जमीन पर मौजूद एक पक्ष ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया।
विरोध कर रहे व्यक्ति का दावा था कि उसने उक्त जमीन का पावर लिया था और वर्ष 2022 में अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्री कराई है। उसने साफ कहा कि वह किसी भी कीमत पर जमीन पर कब्जा नहीं लेने देगा।
न्यायालय के कार्य में बाधा का आरोप
नाजिर अवतार सिंह मात ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा न्यायालय के कार्य में बाधा पहुंचाई गई है। इसकी पूरी रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी जाएगी।
पुलिस बोली- मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में होगी अगली कार्रवाई
चास थाना के एएसआई कैलाश प्रसाद ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा विरोध किया जा रहा था। स्थिति को देखते हुए आगे मजिस्ट्रेट की तैनाती कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वहीं जमीन मालिक अरविंद प्रसाद ने आरोप लगाया कि कोर्ट का फैसला आने के बावजूद उनकी जमीन पर अवैध कब्जा बरकरार है और उन्हें न्याय मिलने में लगातार बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।




