महिला कैदी के गर्भवती होने की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग
रांची | 19 मई 2026
रांची स्थित होटवार केंद्रीय कारा में महिला कैदी के गर्भवती होने के कथित मामले को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि यदि महिला कैदी के गर्भवती होने की खबर सत्य है, तो यह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि जेल जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह में इस प्रकार की घटना होना बेहद चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
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कैदियों के अधिकार और सुविधाओं की भी उठाई मांग
जेएलकेएम नेताओं ने कहा कि जेल में बंद व्यक्ति अपराधी हो सकते हैं, लेकिन वे भी संविधान प्रदत्त मानवीय अधिकारों और सम्मानजनक जीवन के अधिकारी हैं।
ज्ञापन में मांग की गई कि जेल मैनुअल और सरकारी नियमों के अनुसार कैदियों को पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, समय पर स्वास्थ्य सुविधा और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
राज्यपाल ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद महामहिम राज्यपाल ने मामले को संवेदनशील बताते हुए संबंधित विभाग को उचित स्तर पर जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया।
राज्यपाल ने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।
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जेएलकेएम की प्रमुख मांगें
जेएलकेएम ने ज्ञापन के माध्यम से कई मांगें रखीं, जिनमें —
- मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच
- दोषियों पर कठोर कार्रवाई
- महिला बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना
- जेलों में CCTV निगरानी प्रणाली सुदृढ़ करना
- कैदियों को मूलभूत सुविधाएं और अधिकार सुनिश्चित करना
शामिल हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन महासचिव मनीष कुमार साहू, संजीव रंजन प्रसाद, कलेश्वर बड़ाईक और फूलेश्वर बैठा भी मौजूद थे।






