डीएमएफटी बैठक में 24-25 के कार्यों की समीक्षा, 25-26 के लिए योजनाओं को मंजूरी
बोकारो: कैंप टू स्थित शिबू सोरेन स्मृति भवन (टाउन हॉल) सभागार में शनिवार को जिला खनीज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की न्यास परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह परिषद अध्यक्ष अजय नाथ झा ने की।
कार्यक्रम में मंत्री योगेंद्र प्रसाद, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, सांसद ढुलू महतो, विधायक उमाकांत रजक, विधायक जय मंगल सिंह, विधायक श्वेता सिंह, विधायक जयराम महतो, विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख, पंचायत प्रतिनिधि और जिले के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन जिला खनन पदाधिकारी एवं डीएमएफटी प्रभारी रवि कुमार ने किया।
पूर्व के कार्यों में अनियमितताओं का मुद्दा उठा, डीसी ने दी जांच की जानकारी
बैठक के दौरान सांसद और विधायकों ने पिछले वर्षों में डीएमएफटी के तहत किए गए कई कार्यों में नियमों की अनदेखी की बात उठाई।
इस पर उपायुक्त अजय नाथ झा ने स्पष्ट किया कि—
“सभी पुराने कार्यों की ऑडिट, सीएजी जांच और सोशल इम्पैक्ट ऑडिट की प्रक्रिया जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी।”
उन्होंने बताया कि सोशल ऑडिट में जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यदि किसी कार्य में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
खनन प्रभावित क्षेत्रों में अनुपातिक आधार पर राशि खर्च की जाएगी
उपायुक्त ने बताया कि डीएमएफटी राशि का उपयोग केवल खनन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित पंचायतों में ही किया जाएगा।
जिस अनुपात में खदानों से राजस्व संग्रहित हुआ है, उसी अनुपात में राशि व्यय की जाएगी।
उन्होंने सभी सदस्यों को डीएमएफटी की नवीनतम गाइडलाइंस की विस्तृत जानकारी भी दी।
अनुशंसित योजनाओं की रिपोर्ट होगी पारदर्शी
बैठक में सांसदों और विधायकों ने आग्रह किया कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन सी योजना किस जनप्रतिनिधि द्वारा अनुशंसित की गई है।
उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि—
“15 दिनों में इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। अगली बैठक से सभी प्रतिवेदनों में योजनाओं की अनुशंसा का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य होगा।”
खनन प्रभावित क्षेत्रों का बेसलाइन सर्वे और 5-वर्षीय प्रॉस्पेक्टिव प्लान
सरकार के निर्देश के अनुसार बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों (प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष पंचायत/गांव) में बेसलाइन सर्वे कराने पर सर्वसम्मति बनी।
इसके साथ ही, आने वाले पाँच वर्षों का प्रॉस्पेक्टिव प्लान तैयार करने का निर्णय भी लिया गया।
इसी क्रम में छूटे हुए पंचायतों एवं गांवों को प्रभावित क्षेत्र की सूची में शामिल करने हेतु बीडीओ/सीओ से प्रस्ताव लेने का निर्देश जारी किया गया।
सभी प्रस्तावित योजनाओं को ग्रामसभा से अनुमोदित कराने का निर्णय
बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के लिए कई योजनाएँ अनुशंसित की गई थीं।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि—
सभी योजनाएँ पहले ग्रामसभा से पारित कराई जाएँगी और फिर प्रबंधकीय समिति के समक्ष विचार हेतु प्रस्तुत की जाएँगी।
माननीय जनप्रतिनिधियों ने रखा अपना पक्ष
बैठक में मंत्री योगेंद्र प्रसाद, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, सांसद ढुलू महतो, विधायक उमाकांत रजक, विधायक जय मंगल सिंह, विधायक श्वेता सिंह, विधायक जयराम महतो तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव और अपेक्षाएँ रखीं।








