आंगनबाड़ी केंद्रों का हैंडओवर लंबित क्यों? डीडीसी सख्त, जल्द पूरा करने का निर्देश
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और विभिन्न पोषण योजनाओं की प्रगति को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में डीडीसी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
डीडीसी ने स्पष्ट कहा कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, उनका हैंडओवर कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए सीडीपीओ स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
साथ ही जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO) को निर्देशित किया गया कि सभी निर्माण एजेंसियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित कर हैंडओवर प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया जाए।
पोषण ट्रैकर एप में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए डीडीसी ने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि लाभुकों से संबंधित सभी सूचनाएं नियमित और अद्यतन रूप से दर्ज की जाएं। उन्होंने कहा कि यह एप योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मॉनिटरिंग का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अलावा, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका (न्यूट्री गार्डन) के निर्माण और बाला पेंटिंग के शेष कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। डीडीसी ने कहा कि इससे बच्चों के समग्र विकास के साथ-साथ केंद्रों का वातावरण भी आकर्षक और शिक्षाप्रद बनेगा।
बैठक में केंद्रों को उपलब्ध कराए गए आरओ पेयजल, एलईडी टीवी एवं अन्य संसाधनों की स्थिति पर समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा गया।
इस दौरान टीएचआर (टेक होम राशन), आपार आईडी, धरती आबा, आभा आईडी, पोषण पखवारा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), शक्ति सदन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
डीडीसी ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित की जाए और पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।







