गुड गवर्नेंस की दिशा में प्रशासनिक पहल
बोकारो: आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और गुड गवर्नेंस की प्रतिबद्धता को लेकर मंगलवार को समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दरबार की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार ने की, जहां उन्होंने आम जनता की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
इस मौके पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए 41 से अधिक नागरिकों ने विभिन्न विभागों से संबंधित अपनी समस्याएं रखीं। इनमें जमीन पर अवैध कब्जा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजनाएं, श्रम कार्यालय, राजस्व, भू-अर्जन, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण और आपूर्ति कार्यालय जैसे विषय प्रमुख थे।
दुर्घटनाग्रस्त युवक के लिए डीडीसी का मानवीय पहल
जनता दरबार में एक संवेदनशील मामला रेलवे कॉलोनी चास के युवक कृष्णकांत महतो से जुड़ा सामने आया। दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हैं और जनता दरबार में स्वयं उपस्थित नहीं हो सके। उनके मित्रों ने उनकी पीड़ा को अधिकारियों के सामने रखा।
इस पर डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए खुद नीचे जाकर कृष्णकांत से मुलाकात की और उसकी समस्या जानी। उन्होंने मौके पर ही सदर अस्पताल की चिकित्सा टीम को निर्देश दिया कि कृष्णकांत को प्राथमिकता पर बेहतर इलाज और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
समाधान ही प्राथमिकता: डीडीसी
डीडीसी ने स्पष्ट रूप से कहा, “जनता दरबार का उद्देश्य केवल सुनवाई नहीं बल्कि समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। आम जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्राप्त आवेदनों की जांच शीघ्रता से करें और आवेदकों को समाधान से संबंधित सूचना समय पर दें।
अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस जनता दरबार में डीपीएलआर निदेशक मेनका, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पियूष, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।
निष्कर्ष: बोकारो प्रशासन की यह पहल स्पष्ट करती है कि जिले में जनसेवा और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जनता दरबार जैसी व्यवस्थाएं प्रशासन और आम जनता के बीच सेतु का काम करती हैं, जो जनविश्वास और जवाबदेही को मजबूती प्रदान करती हैं।







