मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, MES बहाली के नाम पर युवाओं को बनाता था शिकार
रांची में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक फर्जी ‘आर्मी अफसर’ को गिरफ्तार किया गया है, जो युवाओं को सेना और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरविंद प्रसाद के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के आरा का रहने वाला है और रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित शारदा कॉलोनी में छिपकर रह रहा था। सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी खुद को कभी सेना का अधिकारी तो कभी जांच एजेंसी का अफसर बताकर लोगों को झांसे में लेता था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी और उसके गिरोह ने अब तक एक दर्जन से अधिक युवाओं से करीब 70 लाख रुपये की ठगी की है। इस मामले में चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कर कुल सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें से छह अभी फरार हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें जाली आईकार्ड, फर्जी जॉइनिंग लेटर, MES के नकली पहचान पत्र, आर्मी कैंटीन स्मार्ट कार्ड, डॉक्टरों की मुहर और कई प्रमाणपत्र शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह लंबे समय से झारखंड और बिहार के युवाओं को अपना शिकार बनाता रहा है। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही आवेदन करें। यह मामला एक बार फिर युवाओं के साथ हो रही ठगी के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करता है।







