8 महीने से लापता युवती की हत्या का खुलासा, SIT जांच में आरोपी ने कबूला जुर्म, जंगल से कंकाल और सबूत बरामद
झारखंड के बोकारो में एक साधारण गुमशुदगी का मामला अब सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया है। करीब 8 महीने बाद इस केस का खुलासा हुआ, जिसमें पुलिस की बड़ी लापरवाही भी सामने आई है।
🔴 मां की गुहार से शुरू हुआ मामला
24 जुलाई 2025 को पीड़िता की मां ने अपनी 18 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। 4 अगस्त को मामला दर्ज हुआ, लेकिन पुलिस की धीमी जांच के कारण केस आगे नहीं बढ़ सका।
⚖️ हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से बदली तस्वीर
पुलिस की सुस्ती से नाराज़ होकर परिजनों ने झारखंड हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत की सख्ती के बाद प्रशासन हरकत में आया और SIT टीम का गठन किया गया।
🕵️♂️ SIT जांच में बड़ा खुलासा
डीएसपी आलोक रंजन के नेतृत्व में SIT ने तकनीकी और मानव साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। इस दौरान 26 वर्षीय आरोपी दिनेश कुमार महतो को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल कर ली और पुलिस को घटनास्थल तक ले गया, जहां से जंगल से कंकाल, कपड़े, बाल और हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद किए गए।
💔 प्रेम संबंध और हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि आरोपी और मृतका के बीच प्रेम संबंध था। शादी के दबाव में आकर आरोपी ने 21 जुलाई 2025 को हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगा दिया।
🚨 पुलिस पर गिरी गाज
मामले में लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। पिंडराजोरा थाना प्रभारी सहित कुल 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया।
सस्पेंड किए गए कर्मियों में शामिल हैं:
- थाना प्रभारी: अभिषेक रंजन
- जांच अधिकारी: अनिकेत कुमार
- सब-इंस्पेक्टर: विवेक पांडे
- सब-इंस्पेक्टर: अनिल यादव
- मुंशी (क्लर्क): अक्षय कुमार
📌 बरामद हुए अहम सबूत
पुलिस ने आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और 23 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं, जिससे मामले की गहराई से जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है, लेकिन इस केस ने एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली और शुरुआती जांच की गंभीरता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।







