नगर निगम को हर साल लाखों की कमाई, लेकिन बस पड़ाव पर कब्जा और अव्यवस्था बरकरार
Chas के आईटीआई मोड़ स्थित बस पड़ाव की हालत वर्षों से बदहाल बनी हुई है। लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यह बस स्टैंड यात्रियों के किसी काम नहीं आ रहा है। स्थिति यह है कि यहां बसों का ठहराव पूरी तरह बंद है और यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासनिक उदासीनता के कारण यह बस पड़ाव अपनी उपयोगिता खो चुका है। वर्ष 1995-96 में करीब 20 लाख रुपये की लागत से बने इस बस स्टैंड से शुरुआती दौर में नियमित बस परिचालन होता था, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलती थी।
हालांकि, वर्तमान में यहां बसें नहीं रुकतीं और ट्रक चालकों ने इस स्थान पर कब्जा जमा लिया है। वर्ष 2015 में नगर निगम द्वारा लगभग 35 लाख रुपये खर्च कर इसका जीर्णोद्धार कराया गया, लेकिन इसके बाद भी इसे चालू करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई।
एनएच-32 जैसे व्यस्त मार्ग पर स्थित होने के बावजूद यह बस पड़ाव खाली पड़ा है। इस मार्ग से धनबाद, पुरुलिया, जमशेदपुर और रांची के लिए रोजाना सैकड़ों बसें गुजरती हैं, लेकिन कोई भी बस यहां नहीं रुकती। इसके कारण यात्रियों को नया मोड़ या बोकारो जाकर बस पकड़नी पड़ती है।
इतना ही नहीं, आईटीआई मोड़, जोधाडीह मोड़ और धर्मशाला चौक जैसे व्यस्त स्थानों पर बसों के सड़क किनारे खड़े होने से अक्सर जाम की स्थिति भी बन जाती है।
नीलामी से कमाई, सुविधा शून्य
जानकारी के अनुसार, बस पड़ाव की नीलामी प्रक्रिया लगातार जारी है। वर्ष 2025 से 2028 तक के लिए इसकी नीलामी 1.08 करोड़ रुपये में की गई है, जिससे नगर निगम को हर वर्ष लगभग 36 लाख रुपये की आय हो रही है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई व्यवस्था दिखाई नहीं देती।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बस पड़ाव को जल्द चालू कर व्यवस्थित किया जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके और शहर में जाम की समस्या भी कम हो।







