इस्पात मजदूर मोर्चा (सीटू) की सभा, मजदूरों ने प्रबंधन की नीतियों पर जताया आक्रोश
बोकारो: इस्पात मजदूर मोर्चा (सीटू) द्वारा सेल प्रबंधन की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आज कोक ओवेन कैंटीन नंबर-1 में सभा आयोजित की गई। सभा में बड़ी संख्या में मजदूर शामिल हुए और प्रबंधन की नीतियों पर कड़ा विरोध जताया।
मजदूरों का वेतन समझौता 9 वर्षों से लंबित
सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री आर. के. गोरांई ने कहा कि पिछले लगभग 9 वर्षों से सेल के मजदूरों का वेतन समझौता अटका हुआ है। बहुमत यूनियन के सहारे किए गए मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर चार साल गुजर जाने के बावजूद अब तक वेतन समझौता सम्पन्न नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की चालबाजी से मजदूर और यूनियन दोनों दिग्भ्रमित हो चुके हैं, और इसका सबसे बड़ा नुकसान मजदूरों को उठाना पड़ रहा है।
ठेका मजदूरों को भी बोनस से वंचित
गोरांई ने कहा कि सेल के स्थायी और ठेका मजदूर असुरक्षित परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, इसके बावजूद रिकॉर्ड उत्पादन कर प्रबंधन को मुनाफा दिला रहे हैं। लेकिन मजदूरों को सम्मानजनक बोनस से लगातार वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार मजदूर मनमाने ढंग से खातों में भेजी गई राशि स्वीकार नहीं करेंगे।
“सम्मानजनक समझौते के बाद ही मजदूर स्वीकार करेगा।” – उन्होंने दो टूक कहा।
दुर्गापूजा से पहले बोनस की मांग
उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा से पहले ठेका मजदूरों को भी सम्मानजनक बोनस दिया जाना चाहिए, अन्यथा मजदूर आंदोलन को बाध्य होंगे।
सभा में अन्य नेताओं का संबोधन
सभा को देव कुमार, आर. आर. पन्ना और सुरेश साव ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने एकजुट होकर मजदूरों के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।







