बोकारो: जनता दरबार में संवेदनशील घटना
बोकारो: शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जनता दरबार के दौरान उपायुक्त अजय नाथ झा ने आम जनता की समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कसमार थाना क्षेत्र के धधकिया गांव की रहने वाली शांता मुखर्जी ने निराशा और पीड़ा से आहत होकर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात कही।
लेकिन डीसी ने मौके पर संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला को रोक लिया और कहा –
👉 “जीवन सबसे बड़ा उपहार है, हार मानना समाधान नहीं। हम सब तुम्हारे साथ हैं, तुम अकेली नहीं हो।”
ऑन स्पॉट संज्ञान और प्रशासनिक कार्रवाई
उपायुक्त ने तुरंत एसडीपीओ बेरमो और बीडीओ कसमार को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।
शांता मुखर्जी को उसी घर में सुरक्षित आवास दिलाने का आदेश।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश।
संबंधित आरोपितों को चेतावनी – “महिला या परिवार को नुकसान पहुंचाने पर कठोरतम कार्रवाई होगी।”
निष्पक्ष जांच का भरोसा
उपायुक्त ने कहा कि मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच होगी। दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
महिला ने अपने आवेदन में आरोप लगाया था कि कुछ लोग उसके घर में घुसकर मारपीट कर चुके हैं, बार-बार धमकी देते हैं और घर हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।
डीसी ने दी प्रेरणादायक सीख
जनता दरबार में उपस्थित लोगों को उपायुक्त ने संबोधित करते हुए कहा –
👉 “जीवन संघर्षों से भरा है, लेकिन आत्महत्या कभी समाधान नहीं। साहस और धैर्य ही सच्चा रास्ता है। हर अंधेरे के बाद उजाला जरूर आता है।”
जनता दरबार की अन्य शिकायतें
जनता दरबार में कुल 61 से ज्यादा लोगों की समस्याओं की सुनवाई की गई।
भूमि अतिक्रमण
भूमि विवाद
शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतें
राजस्व एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ
नगर निगम, बीएसएल, जिला नियोजन कार्यालय से संबंधित मामले
कई मामलों का ऑन स्पॉट निपटारा भी किया गया।
मौजूद रहे अधिकारी
इस मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी, डीपीएलआर मेनका, जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पियुष, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।







