मजदूर आंदोलन की धार तेज करने का आह्वान : आर के गोरांई
बोकारो, 1 सितंबर: इस्पात मजदूर मोर्चा, सीटू कार्यालय सेक्टर-9 में रविवार को आरजीबीएस विभाग का सम्मेलन संपन्न हुआ। बैठक की अध्यक्षता एस.एन. शर्मा ने की। शुरुआत में शोक प्रस्ताव पारित किया गया, इसके बाद पूर्व सचिव ने रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
मजदूरों के अधिकार पर खतरा : गोरांई
सम्मेलन को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री आर.के. गोरांई ने कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह से कॉर्पोरेट घरानों की पक्षधर है। नए लेबर कोड लागू होने के बाद लंबे संघर्ष से हासिल मजदूरों के अधिकार खत्म हो जाएंगे।
उन्होंने कहा,
काम के घंटे बढ़ जाएंगे,
ट्रेड यूनियन अधिकार कमजोर होंगे,
सामाजिक सुरक्षा की गारंटी समाप्त हो जाएगी।
गोरांई ने जोर देकर कहा कि मालिक पक्षीय कानूनों का विरोध करने के लिए मजदूर आंदोलन की धार को और तेज करना होगा।
विभागीय समस्याएँ और आंदोलन की चेतावनी
गोरांई ने बताया कि आरजीबीएस विभाग में आज भी तीन सौ से अधिक मजदूर कार्यरत हैं और कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
39 महीने का एरियर अब तक बकाया है।
बोनस पर कोई सम्मानजनक निर्णय नहीं हो सका है।
ठेका मजदूरों को सही वेतन मांगने पर गेट से बाहर करने की धमकी दी जाती है।
उन्होंने घोषणा की कि सभी गंभीर सवालों को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा।
नई कमिटी का गठन
सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से नई कमिटी का गठन किया गया।
विभागीय अध्यक्ष: एस.एन. शर्मा
विभागीय सचिव: आर.आर. पन्ना
विभागीय सह सचिव: मनोवर हुसैन
विभागीय उपाध्यक्ष: पी.के. मिश्रा, मुन्ना कुमार, ए.बी. अंसारी, के.सी.एस. मुंडा
कोषाध्यक्ष: महेश्वर महली
कार्यकारिणी: 21 सदस्यीय टीम जिसमें निसार अहमद, ए.के. चौधरी, सुधीर कुमार, ईश्वर दयाल, बबलू पाल, हसनैन आलम, नारायण रजवार, मधु ओझा, त्रिवेणी यादव, हराधन, शंकर मांझी, दिलीप मांझी सहित अन्य शामिल किए गए।
नई कमिटी का स्वागत यूनियन अध्यक्ष बी.डी. प्रसाद ने किया।
पर्यवेक्षक के रूप में देव कुमार, शंकर पोद्दार और आर.बी. सिन्हा उपस्थित थे।







