बरियातु में ऑनलाइन जुए का भंडाफोड़, 14 युवक गिरफ्तार, 90 ATM कार्ड बरामद
रांची: दिनांक 17 जुलाई 2025 की रात्रि, रांची पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन जुए के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई बरियातु हाउसिंग कॉलोनी रोड नंबर-2, क्वार्टर नंबर 3K/18 में की गई, जहां 14 युवक किराए के मकान में रहकर अवैध ऑनलाइन गेमिंग और जुए का संचालन कर रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस उप महानिरीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त स्थान पर लंबे समय से एक ऑनलाइन गेमिंग गिरोह सक्रिय है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक सदर, थाना प्रभारी बरियातु और अन्य अधिकारियों की टीम ने छापेमारी की।
छापेमारी में भारी मात्रा में उपकरण बरामद
पुलिस ने मौके से 5 लैपटॉप, 17 मोबाइल फोन और विभिन्न बैंकों के 90 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले एक महीने से उक्त मकान में रहकर अवैध ऑनलाइन सट्टा और गेमिंग का संचालन कर रहे थे। गिरोह का संचालन बाहरी राज्य से आने वाले एक व्यक्ति द्वारा किया जाता था, जो समय-समय पर उन्हें निर्देश देता था।
मासिक वेतन के आधार पर करते थे काम
गिरफ्तार युवकों ने बताया कि उन्हें प्रतिमाह 15 से 20 हजार रुपए का भुगतान किया जाता था। सभी युवक बिहार के अलग-अलग जिलों से रांची आए थे और संगठित गिरोह बनाकर ऑनलाइन जुए को अंजाम दे रहे थे।
गिरफ्तार युवक
केशव कुमार (19), मुजफ्फरपुर
आलोक बलजीत (20), सहरसा
समीत कुमार (21), शिवहर
दिलीप कुमार (27), सहरसा
लव कुमार (24), पूर्णिया
नितीश कुमार (19), पूर्णिया
अंजन कुमार (23), पूर्णिया
सुबोध कुमार (25), सुपौल
कृष्ण कुमार (19), सहरसा
साजन कुमार (19), पूर्णिया
अरुष यादव (25), सुपौल
पंकज कुमार (21), सहरसा
विवेक कुमार (22), सहरसा
रौशन कुमार (28), मुजफ्फरपुर
मामला दर्ज और जांच जारी
बरियातु थाना में प्राथमिकी संख्या 177/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 111(3)(4), 12(5) BNS और सार्वजनिक जुआ अधिनियम 1869 की धारा 3/4/13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है, जिसमें नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और फंडिंग स्रोत की जानकारी शामिल है।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
पुलिस उपाधीक्षक, सदर
थाना प्रभारी, बरियातु
पु.अ.नि. विश्वजीत कुमार, भानु कुमार भारती, जॉयदीप बोस
पु.अ.नि. सुबोध कुमार
हवलदार रविंद्र पासवान
आरक्षी अजीत कुमार सिंह, भोला भगत, प्रमोद डुंगडुंग, सुशील उरांव, सुनील कच्छप
निष्कर्ष:
रांची पुलिस की यह कार्रवाई अवैध ऑनलाइन गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा कदम है। इससे यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराध अब छोटे शहरों तक भी पहुँच चुका है और युवाओं को इसमें फंसा कर संगठित रूप से आर्थिक अपराध को अंजाम दिया जा रहा है। मामले की गहराई से जांच चल रही है और भविष्य में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।







