पांच लाख के इनामी रामदेव उरांव ने छोड़ी अपराध की राह, हथियार और कारतूस बरामद
रांची/गुमला : 30 मई 2026
रांची और गुमला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात संगठित अपराधी गिरोह “झांगुर ग्रुप” के सरगना और पांच लाख रुपये के इनामी अपराधी रामदेव उरांव समेत तीन सक्रिय सदस्यों ने संयुक्त पुलिस टीम के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। तीनों अपराधियों ने झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई।
गुप्त सूचना पर बनी संयुक्त पुलिस टीम
वरीय पुलिस अधीक्षक रांची को गुप्त सूचना मिली थी कि झांगुर ग्रुप का सरगना रामदेव उरांव और उसके सहयोगी रांची-गुमला सीमा क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद रांची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
आत्मसमर्पण करने वाले अपराधियों के नाम
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वालों में:
- रामदेव उरांव (47 वर्ष), झांगुर ग्रुप का सरगना
- प्रसाद उरांव (24 वर्ष), सक्रिय सदस्य
- सुबास उरांव (23 वर्ष), सक्रिय सदस्य
शामिल हैं। तीनों गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
पांच लाख का इनामी था रामदेव उरांव
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रामदेव उरांव झांगुर ग्रुप का प्रमुख था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े लगभग 29 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं।
हथियार और कारतूस बरामद
आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से:
- एक स्वचालित हथियार
- 30 जिंदा कारतूस
- एक मैगजीन
- एक स्वचालित एसएलआर राइफल
- 15 जिंदा कारतूस
- एक मैगजीन
बरामद किए हैं।
झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति का असर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले अपराधियों ने बताया कि वे झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। इसके बाद संयुक्त पुलिस टीम के समक्ष विधिवत आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई।
निष्कर्ष
रांची और गुमला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से झांगुर ग्रुप के सरगना सहित तीन सक्रिय अपराधियों का आत्मसमर्पण होना कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में संगठित अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।




