जामताड़ा में ISEA साइबर सिक्योरिटी क्लब की शुरुआत, 72 स्कूलों में जागरूकता का नया आंदोलन
जामताड़ा: डिजिटल सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जामताड़ा जिला प्रशासन एवं सी-डेक, पटना के संयुक्त तत्वावधान में इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस (ISEA) कार्यक्रम के तहत 72 विद्यालयों में साइबर सिक्योरिटी क्लब का गठन किया गया। इसी क्रम में मास्टर प्रशिक्षकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में हुआ।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रवि आनंद, संयुक्त निदेशक सी-डेक पटना रितेश रमेशराव धोते और उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
“डिजिटल झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा यह क्लब”: उपायुक्त रवि आनंद
उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि “डिजिटल युग में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाएं एक गंभीर चुनौती हैं। ऐसे में स्कूली स्तर से ही साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाना नितांत आवश्यक हो गया है।” उन्होंने कहा कि ये क्लब सिर्फ संगठन नहीं बल्कि डिजिटल सुरक्षा का सामाजिक आंदोलन होंगे, जो जामताड़ा को उसके पुराने कलंक से मुक्त कर उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ले जाएंगे।
पुलिस अधीक्षक ने साझा किए अनुभव
पुलिस अधीक्षक राज कुमार मेहता ने साइबर अपराध से संबंधित पुलिसिंग के अनुभव साझा करते हुए सतर्कता अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध किस प्रकार तेजी से बदलते स्वरूप में हमारे बीच प्रवेश कर चुका है, जिससे निपटने के लिए जन-जागरूकता सर्वोपरि है।
सी-डेक के संयुक्त निदेशक का प्रेरणादायक संबोधन
सी-डेक पटना के संयुक्त निदेशक रितेश रमेशराव धोते ने मास्टर ट्रेनरों को संबोधित करते हुए कहा कि “बीज से कौन सा पौधा निकलना है, यह तय करने की कला शिक्षक में होती है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी टीम तकनीकी सहयोग के लिए हमेशा तैयार है।
जिले भर से अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार, परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, सिविल सर्जन डॉ आनंद मोहन सोरेन, पुलिस उपाधीक्षक (साइबर), डीआईओ संतोष कुमार घोष, जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजशेखर, समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति सहित कई जिला स्तरीय अधिकारी एवं मास्टर ट्रेनर उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: जामताड़ा में साइबर सिक्योरिटी क्लबों का गठन और प्रशिक्षण कार्यशाला डिजिटल सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम है। यह पहल ना केवल छात्रों को जागरूक बनाएगी बल्कि जामताड़ा की छवि को सकारात्मक रूप से परिवर्तित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।







