बोकारो में संपन्न हुआ सीटू का 15वां सम्मेलन
बोकारो : आज 24 अगस्त को सेक्टर-2 स्थित कला केंद्र में इस्पात मजदूर मोर्चा (सीटू) का 15वां दो दिवसीय सम्मेलन सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की संयुक्त अध्यक्षता बी.डी. राम, यू. झा और बी.पी. सिंह ने की, जबकि संचालन के.एन. सिंह ने किया।
मजदूर हितों को लेकर तपन सेन का आह्वान
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीटू के राष्ट्रीय महामंत्री तपन सेन ने कहा कि 30 जून 2021 की ऐतिहासिक हड़ताल के बाद सेल प्रबंधन ने अक्टूबर 2021 में बहुमत यूनियन (इंटक, एटक और एचएमएस) के साथ मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किया था।
उन्होंने कहा कि यह एनजेसीएस के 50 वर्षों के इतिहास में पहली बार है कि MoU होने के चार साल बाद भी वेतन समझौता लंबित है। इसका खामियाजा मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है, जिससे वे 39 महीने के एरियर और अन्य वैधानिक लाभों से वंचित हैं।
मजदूरों की समस्याएँ और संघर्ष की तैयारी
तपन सेन ने कहा कि प्रबंधन द्वारा ग्रेच्युटी राशि पर सीलिंग लगाना मजदूरों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। वहीं, ठेका मजदूरों की स्थिति भी बेहद खराब है। उन्होंने केन्द्र सरकार के नए लेबर कोड को मजदूर विरोधी बताते हुए कहा कि इससे मजदूर “बंधुआ मजदूर” बनकर रह जाएंगे।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अब एक “समझौता-विहीन संघर्ष” का समय आ गया है और छोटे-छोटे आंदोलनों को जोड़कर संयुक्त आंदोलन की राह ही समाधान है।
नई कमेटी का गठन
सम्मेलन में कुल 261 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और 21 प्रतिनिधियों ने सचिवीय रिपोर्ट पर बहस की। रिपोर्ट सर्वसम्मति से पारित हुई। इसके बाद नई कमेटी का गठन सर्वसम्मति से ध्वनि मत से किया गया।
नई कमेटी इस प्रकार है:
अध्यक्ष: बी.डी. प्रसाद
कार्यकारी अध्यक्ष: के.एन. सिंह
उपाध्यक्ष: आर.एन. सिंह, पवन कुमार, शंकर पोद्दार, महेश प्रसाद सिंह, मुनीलाल मांझी
महामंत्री: आर.के. गोरांई
सचिव: अनन्त प्रसाद, मनोज शंकर, अरविन्द कुमार, मोतीलाल मांझी, सुरेश साव
कुल 21 सदस्यीय पदाधिकारी और 30 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया।
निजीकरण व ठेका मजदूरी के खिलाफ प्रस्ताव
सम्मेलन में कई प्रस्ताव पारित हुए जिनमें शामिल हैं:
निजीकरण का विरोध
वेज रिवीजन अविलंब लागू करने की मांग
ठेका मजदूरों के शोषण का विरोध
ग्रेच्युटी में सीलिंग का विरोध
नेताओं ने दी बधाई
सम्मेलन को संबोधित करते हुए एसडब्ल्यूएफआई के महामंत्री ललित मोहन मिश्रा, राज्य सचिव विश्वजीत देव, गुरु प्रसाद बनर्जी, दीपक घोष, बी.एन. मिश्रा और शशि कान्त सिन्हा ने नई कमेटी को बधाई दी।
अंत में बी.डी. प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।







