गोमिया के तुलबुल और डेढ़े इलाके में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध आरा मिलों की मशीनें नष्ट; हाथियों के आवास बचाने के लिए चला अभियान।
बोकारो | बोकारो वन प्रमंडल ने अवैध लकड़ी तस्करी और अवैध आरा मिलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गोमिया प्रखंड के तुलबुल और डेढ़े क्षेत्र में छापेमारी कर पांच ट्रैक्टर अवैध लकड़ी जब्त की है। इस दौरान अवैध आरा मिलों में इस्तेमाल हो रही मशीनों को नष्ट कर दिया गया, जबकि पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
लुगु बुरु के जंगलों से हो रही थी अवैध कटाई
वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि लुगु बुरु पहाड़ के जंगलों से बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई कर लकड़ियों को स्थानीय आरा मिलों तक पहुंचाया जा रहा है। सूचना के आधार पर बोकारो पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने तुलबुल और डेढ़े इलाके में छापेमारी अभियान चलाया।
जांच में पाया गया कि जंगलों से काटी गई लकड़ियों को अवैध आरा मिलों में चीरकर बाजार में बेचा जा रहा था, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा था।
पांच ट्रैक्टर लकड़ी जब्त, मशीनें नष्ट
छापेमारी के दौरान वन विभाग ने लकड़ी परिवहन से संबंधित ट्रांजिट परमिट और आरा मिल संचालन के दस्तावेजों की मांग की, लेकिन कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए पांच ट्रैक्टर अवैध लकड़ी जब्त कर ली।
साथ ही अवैध रूप से संचालित आरा मिलों में लगी मशीनों और अन्य उपकरणों को जब्त कर नष्ट कर दिया गया।
पांच आरोपी गिरफ्तार
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम और झारखंड आरा मिल अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभाग ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

हाथियों के आवास बचाने के लिए जरूरी थी कार्रवाई
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार लुगु बुरु क्षेत्र में लगातार हो रही अवैध कटाई से जंगल तेजी से प्रभावित हो रहे थे। इससे हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को भी खतरा उत्पन्न हो रहा था।
विभाग का कहना है कि जंगलों के क्षरण से मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में यह कार्रवाई वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जंगलों की अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और अवैध आरा मिलों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।





