बोकारो के अधिकारियों ने राष्ट्रीय मंच पर दिखाया दम, 150 से अधिक संस्थानों को पछाड़कर बने चैंपियन
बोकारो | बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के अधिकारियों ने प्रतिष्ठित 35वें नेशनल मैनेजमेंट गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। इस जीत के साथ 16 वर्षों बाद SAIL ने एक बार फिर इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया है। इससे पहले वर्ष 2010 में भी यह उपलब्धि बोकारो इस्पात संयंत्र की टीम ने ही हासिल की थी।
150 से अधिक संस्थानों के बीच बीएसएल बना राष्ट्रीय विजेता
देशभर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में SAIL, NTPC, Maruti Suzuki, IOCL, NHPC, L&T और ONGC सहित 150 से अधिक सार्वजनिक और निजी संस्थानों की टीमों ने हिस्सा लिया। पांच क्षेत्रीय प्रारंभिक चरणों के बाद ग्रैंड फिनाले में देश की सर्वश्रेष्ठ 19 टीमों ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए मुकाबला किया।
राहुल रंजन पंडा और ओवैस अहमद ने दिलाई ऐतिहासिक जीत
बोकारो इस्पात संयंत्र की ओर से हॉट स्ट्रिप मिल (HSM) के वरीय प्रबंधक राहुल रंजन पंडा और सीएमएम-सीटीएस के वरीय प्रबंधक ओवैस अहमद की टीम ने व्यावसायिक सिमुलेशन के दौरान उत्कृष्ट रणनीतिक सोच, बेहतर निर्णय क्षमता और वित्तीय प्रबंधन का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय चैंपियनशिप अपने नाम की।
प्रतियोगिता में NTPC की टीमों ने दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया।
बीएसएल के लिए गर्व का क्षण
बीएसएल प्रबंधन ने विजेता टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत प्रतिभा नहीं, बल्कि बोकारो इस्पात संयंत्र की मजबूत नेतृत्व क्षमता, नवाचार, प्रबंधन कौशल और परिचालन उत्कृष्टता का प्रमाण है।




