बोकारो: बोकारो के समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय साख समिति (DLCC) और जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक में उपायुक्त श्री अजय नाथ झा ने बैंकों को निर्देशित किया कि वे केवल पहले से सक्षम लोगों को ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के जरूरतमंदों को मुख्यधारा में लाने के लिए भी जिम्मेदारी निभाएं।
उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली छात्रों को IIT/NEET जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शिक्षा ऋण देना बैंक की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए शिविरों का आयोजन कर ऋण प्रक्रिया को सरल बनाएं।
बैंकों को बदलनी होगी सोच – बैंकिंग सेवाएं गांव-गरीब तक पहुंचें
उपायुक्त ने कहा कि बैंकों का कार्य सिर्फ शहरी क्षेत्रों में सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव, गरीब, किसान, महिला और छात्र जैसे वर्गों तक बैंकिंग सेवा पहुंचाना भी उनकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने मुद्रा लोन, कृषि ऋण, शिक्षा ऋण और हाउसिंग लोन को प्रशासनिक प्राथमिकता बताया और इन योजनाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्रेडिट रेशियो में सुधार जरूरी – 40% से कम न हो लक्ष्य
बैठक में उपायुक्त ने कई बैंकों के क्रेडिट रेशियो (साख अनुपात) पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में यह अनुपात 40 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए और आगे की बैठकों में इस विषय पर अनौपचारिक चर्चा नहीं की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण और किसानों को लाभ पहुंचाने के निर्देश
उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) को क्रेडिट लिंक कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि SHG दीदियों को मुद्रा योजना के तहत ऋण तत्काल प्रदान किया जाए।
साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को अभियान चलाकर अधिकतम किसानों तक पहुंचाया जाए।
वित्तीय समावेशन योजनाएं बनें प्राथमिकता
बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, एमएसएमई ऋण, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, पीएमईजीपी, पीएमएफएमई आदि योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि स्वीकृत ऋणों का वितरण निर्धारित तिथि पर हो ताकि लाभुक समय पर राशि प्राप्त कर सकें।
अच्छे बैंकों को मिलेगा सम्मान, कमजोरों को 45 दिन में सुधार का समय
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले बैंकों को जिले के सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग्स के माध्यम से सम्मानित किया जाएगा, जबकि खराब प्रदर्शन करने वालों को 45 दिनों में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
नीलाम पत्र वादों में बैंक की लापरवाही पर सख्त चेतावनी
चास SDO सुश्री प्रांजल ढंडा ने बैंकों द्वारा नीलाम पत्र वादों के प्रति लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी बैठकों और सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और अद्यतन स्थिति शीघ्र उपलब्ध कराएं।
उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस अवसर पर आरबीआई प्रतिनिधि सन्नी, एलडीएम आबिद हुसैन, डीडीएम नाबार्ड फिलेमन बिलांग, माननीय सांसदों के प्रतिनिधि, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगर्नाथ लोहरा, जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, पीएम स्वनिधि प्रतिनिधि प्रशांत कुमार सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
📌 निष्कर्ष:
उपायुक्त अजय नाथ झा की यह बैठक जिला में समावेशी और प्रभावी बैंकिंग को स्थापित करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। आने वाले समय में इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से बोकारो जिले के छात्र, किसान, महिलाएं और जरूरतमंद लोग आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।









