मुख्यमंत्री के संज्ञान के बाद प्रशासन हरकत में, मार्च 2026 तक पेंशन भुगतान की पुष्टि
बोकारो: सोशल मीडिया पर खुद को “जिंदा साबित” करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे चंदनकियारी निवासी धरणीधर मांझी का मामला वायरल होने के बाद जिला प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा ने बुधवार देर रात त्वरित जांच कराई।
जांच में बड़ा खुलासा यह हुआ कि धरणीधर मांझी का नाम पेंशन योजना में सक्रिय है और उन्हें मार्च 2026 तक पेंशन राशि का भुगतान भी किया गया है।
🚨 क्या है पूरा मामला?
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया कि चंदनकियारी के रहने वाले धरणीधर मांझी खुद को जीवित साबित करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब इसे मुख्यमंत्री स्तर पर संज्ञान में लिया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच शुरू की।
🔍 जांच में क्या सामने आया?
उपायुक्त के निर्देश पर एडीएसएस बोकारो और चंदनकियारी बीडीओ ने मामले की जांच की।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि:
- ✅ धरणीधर मांझी का नाम पेंशन योजना में सक्रिय है
- ✅ मार्च 2026 तक उन्हें पेंशन भुगतान हुआ है
- ✅ मामला पेंशन बंद होने का नहीं, बल्कि पुराने बकाया भुगतान का है
📌 पहले क्यों कटा था नाम?
प्रशासन के अनुसार, भौतिक सत्यापन के दौरान तकनीकी कारणों से धरणीधर मांझी का नाम अस्थायी रूप से सूची से हट गया था।
हालांकि, बीडीओ चंदनकियारी द्वारा लिखित जानकारी देने के बाद नवंबर 2025 में ही उनका नाम दोबारा पेंशन योजना से जोड़ दिया गया था।
⚡ DC बोले — “बकाया भुगतान पर जल्द होगा फैसला”
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि अब मामले की समीक्षा कर पूर्व अवधि के बकाया भुगतान पर भी जल्द निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि किसी को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
🗣️ “हम आपको सुनते हैं…” कार्यक्रम का जिक्र
उपायुक्त ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्यमंत्री को जवाब देते हुए बताया कि:
👉 जिला और प्रखंड स्तर पर हर मंगलवार और शुक्रवार
👉 “हम आपको सुनते हैं…” कार्यक्रम आयोजित किया जाता है
👉 इसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है
उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा है कि लोगों को स्थानीय स्तर पर ही राहत मिले।
🔥 सोशल मीडिया पर क्यों बना चर्चा का विषय?
“जिंदा आदमी को मृत घोषित” जैसे दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए। हालांकि जांच में मामला अलग निकला और प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी।







