डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने लाभुकों और मजदूरों से की बातचीत, कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बोकारो: रविवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार ने कसमार प्रखंड अंतर्गत कसमार पंचायत में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, जल जीवन मिशन, सिंचाई कूप और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
डीडीसी ने अबुआ आवास योजना के तहत बन रहे और पूर्ण हो चुके आवासों की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने लाभुकों और वहां काम कर रहे मजदूरों से सीधे संवाद कर कार्य में पारदर्शिता और संतुष्टि की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी योजनाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी हों और लाभुकों को समय पर भुगतान हो।
मनरेगा व बागवानी योजनाओं का स्थलीय आकलन
डीडीसी ने फॉर्मटांड़ स्थित आजीविका संसाधन केंद्र का भी दौरा किया, जहां मनरेगा योजना के तहत संचालित बिरसा आम बागवानी योजना का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि सभी योजनाओं में मजदूर सक्रिय रूप से कार्यरत थे और मास्टर रोल की निकासी भी नियमित रूप से हो रही थी।
सिंचाई कूप और सोलर पंप की भी जांच
निरीक्षण के क्रम में डीडीसी ने एक सिंचाई कूप का मुआयना किया, जहां आठ मजदूर कार्यरत पाए गए। उन्होंने देखा कि कार्यस्थल पर पीने का पानी, प्राथमिक चिकित्सा किट और शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं। इसके साथ ही डीएमएफटी मद से संचालित सोलर पावर पंप की भी जांच की गई।
विकास योजनाएं समयबद्ध और पारदर्शी हों – डीडीसी
निरीक्षण के अंत में डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाएं सुचारू रूप से चलती रहें, इसके लिए आवश्यक निगरानी और समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचे, इसके लिए पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।









