CRPF का 87वां और ग्रुप केन्द्र रांची का 14वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया
रांची: ग्रुप केन्द्र केरिपुबल सेम्बो, रांची परिसर में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का 87वां स्थापना दिवस और ग्रुप केन्द्र रांची का 14वां स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री डी.एन. लाल, उप महानिरीक्षक, ग्रुप केन्द्र रांची ने की, जबकि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे श्री साकेत कुमार सिंह, भा.पु.से., पुलिस महानिरीक्षक, झारखंड सेक्टर।
शहीदों को श्रद्धांजलि और बल का गौरवशाली इतिहास साझा
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पण से हुई। मुख्य अतिथि ने बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि CRPF विश्व का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है, जिसकी स्थापना 27 जुलाई 1939 को नीमच (मध्यप्रदेश) में हुई थी। स्वतंत्रता के पश्चात इसे सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा वर्तमान नाम “केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल” दिया गया।
मुख्य अतिथि ने बल के ऐतिहासिक योगदान की चर्चा करते हुए 1965 के भारत-पाक युद्ध, नार्थ ईस्ट विद्रोह, नक्सलवाद, माओवाद और आतंकवाद से लड़ाई में बल की भूमिका को रेखांकित किया।
सेम्बो रांची में 2011 से स्थापित है ग्रुप केन्द्र
27 जुलाई 2011 को सिंदरी, धनबाद से स्थानांतरित होकर सेम्बो, रांची में ग्रुप केन्द्र की स्थापना की गई थी। तब से हर वर्ष इस दिन को विशेष रूप से मनाया जाता है।
खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजा समारोह
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया:
वृक्षारोपण कार्यक्रम
‘खेलो इंडिया’ के तहत साइकिल रैली
वॉलीबॉल और रस्साकशी प्रतियोगिताएं
सांस्कृतिक कार्यक्रम, जिसमें केरिपुबल के जवानों ने लोक नृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।
उप महानिरीक्षक श्री डी.एन. लाल द्वारा दीप प्रज्वलन कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रमुख उपस्थिति
इस भव्य कार्यक्रम में ग्रुप केन्द्र रांची के अतिरिक्त,
झारखंड सेक्टर
रेंज कार्यालय रांची
कंपोजिट अस्पताल रांची
6 सिग्नल बटालियन
ए.डब्लू.एस.-8 रांची
सी/244 वाहिनी के अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी, जवान और उनके परिवारजन उपस्थित रहे।
समर्पण और सेवा का प्रतीक है CRPF
इस अवसर पर पुलिस उप महानिरीक्षक ने सभी उपस्थितों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि CRPF की प्रतिबद्धता, सेवा और बलिदान देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अमूल्य है और प्रत्येक कार्मिक को इस पर गर्व होना चाहिए।







