📍 बोकारो | राष्ट्रीय सुरक्षा
देश में नक्सल प्रभाव कम होने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अधिकारियों और जवानों को मिलने वाला जोखिम भत्ता अब बंद कर दिया गया है। गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिससे झारखंड समेत 8 राज्यों की 35 यूनिट प्रभावित हुई हैं।
इस फैसले का असर झारखंड के बोकारो, पश्चिम सिंहभूम, लातेहार और चतरा जिलों में तैनात CISF जवानों पर भी पड़ा है। CISF मुख्यालय ने यह कदम गृह मंत्रालय की ‘नक्सल मुक्त’ योजना के तहत उठाया है, जिसे 31 मार्च 2026 तक देशभर में लागू करने का निर्देश दिया गया था।
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अब तक उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों को जोखिम भत्ता दिया जाता था। इसके तहत कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक को हर महीने लगभग 10 हजार रुपये, जबकि सहायक कमांडेंट से डीआईजी स्तर तक के अधिकारियों को करीब 17 हजार रुपये अतिरिक्त मिलते थे।
गौरतलब है कि इससे पहले 26 मार्च को CISF की 55 यूनिट्स में भी जोखिम भत्ता बंद किया जा चुका था। अब इस नए फैसले से कुल मिलाकर कई राज्यों की यूनिट्स प्रभावित हुई हैं, जिससे जवानों के वेतन पर सीधा असर पड़ेगा।
इस निर्णय के बाद सुरक्षा बलों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखी जा रही है, वहीं सरकार का मानना है कि नक्सल प्रभाव में कमी के कारण यह कदम जरूरी था।







