चास में समर अभियान के लिए सेविकाओं को दिया गया प्रशिक्षण
चास : प्रखंड कार्यालय चास के सभाकक्ष में आज समर अभियान (SAAMAR) कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण की अध्यक्षता महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा की गई, जिसमें प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की सेविकाएं शामिल हुईं।
प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को अति गंभीर और मध्यम कुपोषित बच्चों की पहचान करने के लिए सामुदायिक स्तर पर कार्य योजना की जानकारी दी गई। यह भी बताया गया कि ऐसे बच्चों का प्रबंधन समुदाय स्तर पर कैसे किया जाए तथा किन बच्चों को कुपोषण उपचार केंद्र (MTC) में भेजना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में सभी सेविकाओं को समर अभियान को सफल बनाने के लिए शुभकामनाएं दी गईं और धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रशिक्षण सत्र का समापन हुआ।
क्या है समर अभियान (SAAMAR)?
समर (SAAMAR – Strategic Action for Alleviation of Malnutrition and Anemia Reduction) झारखंड सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य में कुपोषण और एनीमिया की समस्या से निपटना है।
इस अभियान के अंतर्गत—
घर-घर जाकर कुपोषित बच्चों, किशोरियों, युवतियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की पहचान की जाएगी।
चिन्हित लोगों को निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र पर भेजकर स्वास्थ्य जांच करवाई जाएगी।
जरूरत के अनुसार उन्हें कुपोषण उपचार केंद्रों में भेजकर इलाज कराया जाएगा।
सरकार की यह पहल बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर को सुधारने में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें सेविकाओं की भूमिका बेहद अहम है।







