ब्रहमोस कांवड़: ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित अनोखी कांवड़ यात्रा ने खींचा लोगों का ध्यान
सावन के पावन महीने में जब लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं को लेकर कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं, वहीं झारखंड के टाटानगर से एक अनोखा जत्था देश की सुख-समृद्धि और सेना के सम्मान में ब्रह्मोस कांवड़ लेकर बाबा बैधनाथ धाम की ओर रवाना हुआ है।
सुल्तानगंज से देवघर तक की इस पैदल यात्रा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से प्रेरणा लेकर 51 कांवड़िए ‘भारत माता की जय’ और ‘हर हर महादेव’ के जयघोष के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इस विशेष कांवड़ को देखने के लिए कांवड़ पथ पर बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े हैं।
देशभक्ति की मिसाल बना ‘ब्रह्मोस कांवड़’
इस जत्थे का नेतृत्व कर रहे पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि वे 1992 से बाबा बैधनाथ की यात्रा कर रहे हैं। इस बार उन्होंने सेना को समर्पित ब्रह्मोस मिसाइल आकृति वाला कांवड़ तैयार किया है। उन्होंने बताया, “इस कांवड़ को बनाने में एक महीना लगा। यह देश की सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर से प्रेरित है।”
पिछले वर्ष ये भक्त शिव-पार्वती की आकृति वाला आकर्षक कांवड़ लेकर बाबा धाम पहुंचे थे। इस बार यह कांवड़ देश की सेना की ताकत और आत्मबल का प्रतीक बन गया है।
कांवड़िए बोले – बाबा से देश की सुख-शांति की प्रार्थना
इस अनोखे जत्थे में किरण सिंह, संतोष कुमार, नीरज पांडे, विनय सिंह, प्रकाश सोनी समेत कुल 51 लोग शामिल हैं। ये सभी भक्त पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैधनाथ से भारत की उन्नति, शांति और विजय की प्रार्थना कर रहे हैं।
रास्ते में इस विशिष्ट कांवड़ को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग जाती है। जैसे ही ब्रह्मोस कांवड़ गुजरता है, हर कोई इसकी भव्यता और संदेश को देखकर मंत्रमुग्ध हो जाता है।
भक्ति और राष्ट्रभक्ति का अनोखा संगम
इस यात्रा ने साबित किया कि श्रद्धा सिर्फ मनोकामना तक सीमित नहीं, बल्कि जब इसमें देशभक्ति मिल जाए, तो वह प्रेरणा बन जाती है। यह कांवड़ यात्रा भक्ति के साथ-साथ भारतीय सेना और राष्ट्र के गौरव को समर्पित है।







