स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, 20 गांवों को जोड़ा जाएगा पंचायतों से
बोकारो: बोकारो जिले के विस्थापित परिवारों और स्थानीय युवाओं को रोजगार और आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन संयुक्त रूप से एक वृहद अभियान चलाएंगे। यह निर्णय उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में शनिवार को गोपनीय स्थित कार्यालय में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया।
बैठक में बीएसएल प्रबंधन, डीपीएलआर, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का प्रमुख उद्देश्य था – जिले के 20 गांवों (जैसे वैद्यमारा, महेशपुर, पंचौरा, कनारी, धरमपुरा आदि) को पंचायत से जोड़ते हुए वहां बुनियादी सुविधाएं और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना।
हर क्षेत्र में मिलेगा विस्थापित युवाओं को रोजगार
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा, “हमारा प्रयास होना चाहिए कि स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में सम्मानजनक रोजगार मिले।” इसके लिए बीएसएल, जिला प्रशासन और अन्य सार्वजनिक उपक्रमों को एकीकृत योजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बीएसएल और प्रशासन मिलकर बनाएं समाधान का रास्ता
उपायुक्त ने बीएसएल प्रबंधन से आग्रह किया कि वे आम जनता के साथ संवाद बढ़ाएं, समस्याएं समझें और मिलकर समाधान निकालें। उन्होंने कहा, “एक कदम बीएसएल बढ़े, एक कदम प्रशासन – हर समस्या का समाधान मिलकर निकलेगा।”
15 मई की बैठक का हो अनुपालन
उपायुक्त ने 15 मई 2025 को हुई प्रशासन-बीएसएल और विस्थापित अप्रेंटिस संघ की बैठक में लिए गए निर्णयों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। इसके तहत प्रत्येक माह 50 अप्रेंटिस नियुक्त किए जाने की बात भी दोहराई गई।
बोकारो को बनाना है एजुकेशनल और डेवलपमेंटल मॉडल
बैठक में उपायुक्त ने बोकारो को शैक्षणिक हब के रूप में विकसित करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा और तकनीकी विकास पर जोर देते हुए जिले को मॉडल जिला बनाया जाएगा।
विकास के लिए जरूरी है समन्वय और पारदर्शिता
बैठक के समापन पर उपायुक्त ने सभी हितधारकों से आपसी समन्वय और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं को गति और गुणवत्ता के साथ ज़मीन पर उतारा जाए।








