जियाडा और बीएसएल अधिकारियों के साथ बैठक में उद्यमियों की समस्याओं व सुझावों पर हुई चर्चा
बोकारो | 28 अगस्त 2026 : बोकारो में औद्योगिक विकास और उद्यमियों से जुड़े मुद्दों को लेकर महत्वपूर्ण बैठक हुई। बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने जियाडा और बोकारो इस्पात संयंत्र के अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी सब-पीएलसी बैठक के लिए विभिन्न समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की।
बैठक में पिछली पीएलसी के निर्णयों को प्रभावी ढंग से लागू करने और उद्यमियों के मुद्दों के समाधान पर जोर दिया गया।
बोकारो में उद्यमियों के मुद्दों पर हुई अहम बैठक
बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मनोज चौधरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जियाडा, बोकारो प्रक्षेत्र के पदाधिकारियों एवं बोकारो इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक तापस कुमार से मुलाकात की। बैठक में महाप्रबंधक (आर एंड भीआर) तापस कुमार और वरीय प्रबंधक (आर एंड भीआर) मनोज मंडल समेत जियाडा के सहायक विकास पदाधिकारी सन्नी कुमार मौजूद रहे।
सब-पीएलसी बैठक से पहले समस्याओं पर मंथन
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी सब-पीएलसी बैठक के लिए औद्योगिक इकाइयों और उद्यमियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, समस्याओं एवं सुझावों पर विचार-विमर्श करना था। बैठक में बोकारो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, लघु उद्योग भारती, उद्यम संकल्प और एससी/एसटी उद्यमी विकास संघ के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं ज्ञापन प्रस्तुत किए।
पिछली पीएलसी के फैसलों को लागू करने की मांग
चैंबर अध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि पिछली पीएलसी बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए, ताकि उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों को उसका वास्तविक लाभ मिल सके।
महाप्रबंधक तापस कुमार ने प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करते हुए आश्वस्त किया कि प्राप्त ज्ञापनों पर विचार किया जाएगा। सर्वसम्मति से महत्वपूर्ण एवं स्वीकार्य मुद्दों को आगामी सब-पीएलसी बैठक के लिए भेजा जाएगा।
अलग बैठक आयोजित करने का आग्रह
चैंबर महामंत्री राजकुमार जायसवाल ने सभी संस्थाओं से प्राप्त ज्ञापनों पर विस्तृत चर्चा के लिए अलग बैठक आयोजित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस बैठक में सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर ठोस एवं सर्वमान्य समाधान निकाला जाना चाहिए।
बैठक में औद्योगिक विकास, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और आपसी समन्वय के माध्यम से बोकारो के औद्योगिक वातावरण को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।




